Rajasthan Income Tax Raid: जयपुर: राजस्थान में आयकर विभाग की छापेमारी लगातार तीसरे दिन भी जारी रही. जयपुर, लालसोट और बहरोड़ में तीन बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर हुई इस कार्रवाई में अब तक ₹5.34 करोड़ नकद और ₹10 करोड़ की ज्वैलरी बरामद की गई है. इसके अलावा, दुबई में किए गए भारी निवेश और हवाला कारोबार से जुड़े सुराग भी सामने आए हैं.

26 ठिकानों पर आयकर विभाग की रेड
आयकर विभाग की टीमें कारपेट, रियल एस्टेट और कार्गो सर्विस से जुड़े कारोबारियों के 26 ठिकानों पर छानबीन कर रही हैं. इस दौरान 10 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई है. छापेमारी के दौरान इन कंपनियों के कर्मचारियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि हर डील में 30% कैश लिया जाता था.
दुबई में निवेश और हवाला कारोबार का खुलासा
जांच के दौरान ₹55 करोड़ के निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, जिनमें हवाला नेटवर्क के जरिए पैसे के लेन-देन के संकेत हैं. आयकर विभाग अब इस निवेश के स्रोत और लेन-देन की गहराई से जांच कर रहा है.
आयकर अधिकारियों को जानकारी मिली है कि जयपुर के 34 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में ब्लैक मनी का निवेश किया गया. जांच में पता चला कि अलग-अलग कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में ₹36 करोड़ नकद लगाए गए हैं. एक कारोबारी ने 260 कार्गो वाहन होने की बात कबूली, जबकि दस्तावेजों में कम संख्या में वाहन दिखाए गए थे.
300 इन्वेस्टर्स ने किया गुप्त निवेश
हैरानी की बात यह है कि 300 से ज्यादा इन्वेस्टर्स ने जयपुर और दुबई में प्रोजेक्ट्स में निवेश किया, जिनका रिकॉर्ड गुप्त रखा गया. हवाला कारोबार के जरिए नकदी के लेन-देन की जांच भी तेज कर दी गई है. आयकर विभाग इस छापेमारी में मिली संपत्तियों और दस्तावेजों की गहन जांच कर रहा है. संभावना है कि इस कार्रवाई में कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है. फिलहाल, इनकम टैक्स अधिकारी बरामद नकदी, ज्वैलरी और दस्तावेजों की पड़ताल में जुटे हुए हैं.
पढ़ें ये खबरें
- गोपालगंज में सर्पदंश से 17 वर्षीय किशोरी की मौत, परिजनों में कोहराम, गांव में पसरा मातम
- Haryana Morning News: राजनीतिक बवाल और सरकारी नौकरियों की बहार से लेकर मौसम के बदले मिजाज तक एक क्लिक में पढ़ें प्रदेश की बड़ी सुर्खियां
- CG Accident News : अनियंत्रित होकर पलटी मजदूरों से भरी पिकअप, 19 घायल, एक की हालत गंभीर
- क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन: ड्रग्स तस्करी का फरार आरोपी संतोष गिरी गिरफ्तार; पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा
- निगम की बड़ी कार्रवाई: आउटसोर्स कर्मियों के वेतन में देरी पर सिक्योरिटी एजेंसी को ₹1 लाख का जुर्माना, सफाई में लापरवाही पर दूसरी कंपनी भी नपी
