Rajasthan News: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को पचपदरा रिफाइनरी का दौरा किया। इस दौरान प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत, मंत्री केके विश्नोई और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सीएम ने रिफाइनरी साइट पर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों के साथ बैठक करके आवश्यक दिशानिर्देश दिए।

अप्रैल में शुरू होगा काम
सूत्रों के अनुसार, रिफाइनरी की दो यूनिट्स में अप्रैल महीने में काम शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा, रिफाइनरी के पास पेट्रो जोन भी विकसित किया जा रहा है, जहां रिफाइनरी से उत्पन्न बायो प्रोडक्ट आधारित इंडस्ट्री स्थापित की जाएगी। वर्तमान में, रिफाइनरी के क्रूड/वैक्यूम डिस्टीलेशन यूनिट और डिलेड कॉकर यूनिट का करीब 94 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि हाइड्रोजन जनरेशन यूनिट और डीजल हाइड्रोजन यूनिट का 98 प्रतिशत काम भी पूरा हो चुका है। रिफाइनरी में कुल 10 यूनिट्स हैं, जिनका निर्माण तेजी से जारी है।
रिफाइनरी की कुल क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन
यह परियोजना HPCL और राजस्थान सरकार की जॉइंट वेंचर कंपनी, राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड के तहत चल रही है। इसकी स्थापना 18 सितंबर 2013 को हुई थी, जिसमें HPCL की 74% और राजस्थान सरकार की 26% हिस्सेदारी है। 2013 में इस रिफाइनरी की लागत लगभग 43 हजार करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके कार्य की शुरुआत की थी। अब रिफाइनरी की कुल लागत बढ़कर लगभग 74 हजार करोड़ रुपये हो गई है। रिफाइनरी की क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) है।
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