Rajasthan News: जोधपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरुवार को आसाराम की बिगड़ती सेहत को देखते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच ने जेल प्रशासन को साफ शब्दों में कहा है कि आसाराम को इलाज की तमाम जरूरी सुविधाएं तुरंत दी जाएं। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी जोड़ दिया कि अगर जरूरत पड़ी, तो उन्हें आयुर्वेद अस्पताल में शिफ्ट करने की छूट होगी।

आरोग्यं अस्पताल में कराया गया भर्ती

जेल के भीतर आसाराम की तबीयत पिछले कुछ दिनों से लगातार नासाज चल रही थी। मंगलवार की शाम को अचानक उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद जेल महकमे में हड़कंप मच गया और उन्हें आनन-फानन में जोधपुर के आरोग्यं अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख में जुटी है। इसी इमरजेंसी के बाद वकीलों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

बुधवार को कोर्ट ने मांगी थी रिपोर्ट

इस मामले में बुधवार को भी हाईकोर्ट में बहस हुई थी, लेकिन सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। आसाराम के वकील आर.एस. सलूजा और यशपाल राजपुरोहित ने कोर्ट को बताया कि पुरानी गाइडलाइंस का ठीक से पालन नहीं हो रहा है। इसके बाद कोर्ट ने सरकारी वकील और जेल प्रशासन से जवाब तलब किया था। कोर्ट ने पूछा था कि क्या आसाराम को समय पर दवाइयां और घर का बना एक वक्त का खाना मिल रहा है या नहीं।

जमानत बढ़ने पर लग चुकी है रोक

भले ही कोर्ट ने इलाज को लेकर नरमी दिखाई हो, लेकिन रिहाई के रास्ते अभी भी बंद हैं। कुछ दिन पहले ही अदालत ने स्वास्थ्य के आधार पर मिलने वाली अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया था। पिछले दो साल से उन्हें लगातार ये राहत मिल रही थी। इस पर रोक लगाते हुए कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की थी कि ऐसे मामलों में आरोपी की सहूलियत से कहीं ज्यादा जरूरी पीड़िता का सम्मान और उसे न्याय दिलाना है।

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