Rajasthan News: राजस्थान में 8 आरपीएस अधिकारियों को प्रमोशन देकर आईपीएस बनाया गया है। यूपीएससी की चयन समिति ने बुधवार को इन अधिकारियों के नाम पर मुहर लगा दी। गृह मंत्रालय से अगले हफ्ते तक इसकी अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। अब राजस्थान में आईपीएस अधिकारियों की कुल संख्या 203 हो जाएगी।

यह फैसला यूपीएससी चयन समिति की बैठक में लिया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारियों के साथ राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत, गृह विभाग के एसीएस आनंद कुमार और डीजीपी यूआर साहू शामिल हुए। 2023 में खाली 8 पदों के लिए आरपीएस से 24 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भेजे गए थे। इनमें से 1997 बैच के केवल राम, लोकेश सोनवाल और गोवर्धन लाल सौंकरिया, और 1998 बैच के रतन सिंह, महावीर सिंह राणावत, प्यारे लाल शिवराण, सतवीर सिंह और सतनाम सिंह को प्रमोशन मिला।
इस प्रक्रिया में लोकेश सोनवाल का मामला खास रहा। उन्हें रिश्वत मामले में कोर्ट से राहत मिलने के बाद अपनी वरिष्ठता बहाल करवानी पड़ी। इसके बाद राज्य सरकार ने संशोधित सूची यूपीएससी को भेजी, जिसमें लोकेश सोनवाल को दूसरे स्थान पर रखा गया। इस बदलाव की वजह से पीयूष दीक्षित, जो पहले आठवें स्थान पर थे, सूची से बाहर हो गए।
प्रमोट होने वाले अधिकारियों में दौसा के एएसपी लोकेश सोनवाल का नाम खास है। वे 1997 बैच के अधिकारी हैं और उनका परिवार राजनीति में सक्रिय है। उनकी पत्नी कांता सोनवाल भाजपा नेता हैं और जयपुर देहात दक्षिण की जिला महामंत्री रह चुकी हैं।
2023 के आठ खाली पदों के लिए चयन प्रक्रिया पहले 5 जुलाई को यूपीएससी में तय थी। लेकिन लोकेश सोनवाल के वरिष्ठता विवाद की वजह से राज्य सरकार को नई सूची भेजनी पड़ी। गृह विभाग ने लोकेश सोनवाल की वरिष्ठता तय करने के बाद फाइल को आगे बढ़ाया। इसके बाद ही आठ अधिकारियों को आईपीएस बनाने का रास्ता साफ हुआ।
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