Rajasthan News: बाड़मेर. नक्काल और मिलावटखोर कहीं नहीं चूक रहे हैं. छौंक में जीरा कितना चाहिए…चुटकीभर. अब इस चुटकीभर जीरे में कौन वहम करेगा कि नकली होगा, लेकिन अब जीरे में भी मिलावटखोरों ने सेंध कर ली है.

पश्चिमी राजस्थान में जीरे की बम्पर पैदावार को भांपते हुए नक्कालों ने यहां पशुआहार की आड़ में नकली जीरा बनाना शुरू कर दिया है. यहां से गुजरात और महाराष्ट्र तक पहुंच रहा है. ऊंझा की मंडी गुजरात में पहुंच रहे जीरे में भी यह मिलावट मिली है तो व्यापारी भी अब हैरत में आ गए हैं. बाड़मेर-जैसलमेर से दस लाख बोरी से अधिक जीरा ऊंझा मंडी में पहुंचता है.
बाड़मेर-जैसलमेर में जीरे की बम्पर पैदावार और इधर मारवाड़ में जीरे का क्षेत्र बढ़ने से दिल्ली के ठगों ने नकली जीरा तैयार करने का धंधा खोल दिया है।
सालभर पहले हुई थी एक कार्रवाई
जिले के सिणधरी कस्बे में सालभर पहले एक कार्रवाई हुई थी जिसमें आरोपी ने कबूूल किया था कि दिल्ली से प्रशिक्षण लेकर यह कार्य सीखा है. यहां इसका कारखाना लगाकर गुजरात-महाराष्ट्र तक भेजा जा रहा था. बाड़मेर, सांचौर, जालोर और जोधपुर में जीरा बनाने का यह धंधा चलने की जानकारी है.
चौथाई दाम में तैयार
यह नकली जीरा चौथाई दाम में तैयार होता है. चौगुना मुनाफे के चक्कर में इसको मारवाड़ में बड़ी मात्रा में तैयार करने का काम चल रहा है. इसकी जांच नहीं हो पा रही है.
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