Rajasthan News: आरपीएससी (RPSC) में एसआई भर्ती घोटाले और पेपर लीक मामलों ने आयोग की छवि पर गहरी चोट की है. हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणियों के बाद सदस्य डॉ. मंजु शर्मा ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा दे दिया. अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या सदस्य संगीता आर्य भी वही रास्ता चुनेंगी?

हाईकोर्ट की टिप्पणी बनी वजह
हाईकोर्ट के जस्टिस समीर जैन ने एसआई भर्ती परीक्षा-2021 रद्द करने के आदेश में टिप्पणी की थी कि “घर के भेदियों ने ही लंका ढहा दी.” इस टिप्पणी का सीधा संकेत आयोग के अंदरूनी भ्रष्टाचार पर था. फैसले के तुरंत बाद डॉ. मंजु शर्मा ने राज्यपाल को इस्तीफ़ा भेज दिया. उन्होंने लिखा कि उनके खिलाफ कोई जांच नहीं है, लेकिन आयोग की पारदर्शिता और गरिमा बनाए रखने के लिए वे पद छोड़ रही हैं.
RPSC के अन्य सदस्य, कौन कहां?
- संजय क्षोत्रिय, पूर्व अध्यक्ष रिटायर हो चुके हैं.
- रामूराम राईका, सदस्य बेटे-बेटी को पास कराने के आरोप में गिरफ्तार, अब जमानत पर, कार्यकाल खत्म.
- बाबूलाल कटारा, सदस्य पेपर लीक केस में गिरफ्तार, निलंबित.
- डॉ. जसवंत राठी, सदस्य निधन हो चुका है.
- डॉ. मंजु शर्मा, सदस्य इस्तीफा दे चुकी हैं.
अब केवल संगीता आर्य ही पद पर बनी हुई हैं.
संगीता आर्य पर क्यों उठ रहे सवाल?
संगीता आर्य 2013 में कांग्रेस से टिकट लेकर सोजत से विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं. उनके पति निरंजन आर्य प्रदेश के मुख्य सचिव रह चुके हैं. 2020 में कांग्रेस सरकार ने उन्हें RPSC का सदस्य नियुक्त किया था. मंजु शर्मा के नैतिक आधार पर दिए इस्तीफ़े के बाद अब विपक्ष और आमजन यह सवाल कर रहे हैं कि क्या संगीता आर्य भी आयोग की गरिमा को ध्यान में रखते हुए पद छोड़ेंगी.
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