Rajasthan News: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए कई अहम फैसले किए हैं। इन फैसलों का उद्देश्य ऊर्जा उत्पादन, पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति, और युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने राजस्थान में पेट्रोजोन, सोलर प्रोजेक्ट, और पेयजल योजनाओं के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी प्रदान की है।

पेट्रोजोन की स्थापना
पचपदरा रिफाइनरी के समीप राजस्थान पेट्रोजोन की स्थापना के लिए ग्राम सिन्धियों की ढाणी में 74.50 हेक्टेयर और ग्राम खेमाबाबा नगर में 102 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। यह कदम बजट घोषणा 2024-25 का हिस्सा है। इस परियोजना से रिफाइनरी क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर तहसील के ग्राम पीपलून्द में 31 हेक्टेयर भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
सोलर प्रोजेक्ट के लिए भूमि आवंटन
मुख्यमंत्री ने जैसलमेर जिले के नाचना तहसील के ग्राम बोडाना में 4,000 हेक्टेयर भूमि सोलर प्रोजेक्ट के लिए आवंटित करने का निर्णय लिया है। इस भूमि पर 2,000 मेगावाट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट स्थापित होंगे, जिससे राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी बनेगा।
चंबल पेयजल योजना
चंबल नदी आधारित वृहद पेयजल योजना के तहत सवाईमाधोपुर, करौली, नादौती, और गंगापुर सिटी को जोड़ने वाली परियोजना के लिए करौली जिले के पंचौली, दरगवां, फिरोजपुर, और मारकाकुआ गांवों में 221 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। यह परियोजना जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करेगी।
राज्य को क्या होगा फायदा?
- औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार से नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
- सोलर प्रोजेक्ट से हरित ऊर्जा उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
- पेयजल परियोजना से जल संकट समाधान सुनिश्चित होगा।
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