Rajasthan News: दौसा जिले के कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव के नाम से फर्जी व्हाट्सएप आईडी बनाकर उनके अधिकारियों और परिचितों से पैसे मांगने का मामला सामने आया है। जैसे ही यह मामला जिला कलेक्टर के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी दौसा एसपी रंजिता शर्मा को दी और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब इस फर्जी व्हाट्सएप आईडी के नंबर की जांच में जुट गई है।

अधिकारियों से पैसों की डिमांड
शनिवार को फर्जी व्हाट्सएप आईडी से कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव की तस्वीर लगाकर जिले के कई तहसीलदारों, जैसे बसवा और लालसोट के अधिकारियों से पैसों की मांग की गई। तीन तहसीलदारों ने तुरंत इस संदर्भ में जिला कलेक्टर को सूचित किया। इसके बाद कलेक्टर ने फर्जी आईडी के नंबर 8883286101 की जानकारी एसपी को दी और साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
परिचितों से भी मांगे पैसे
कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव ने बताया कि साइबर ठगों ने उनकी तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी आईडी बनाई और उनके कई परिचितों और अधीनस्थ अधिकारियों से पैसों की मांग की। समय रहते कलेक्टर को इस मामले की जानकारी मिल गई, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संदेशों के माध्यम से लोगों से अपील की कि वे इस फर्जी नंबर पर कोई पैसे न भेजें।
अन्य जिलों में भी फर्जी आईडी बनाई गई
कलेक्टर ने यह भी बताया कि साइबर ठगों ने सवाई माधोपुर और केकड़ी सहित कई जिलों के कलेक्टरों के नाम से भी फर्जी व्हाट्सएप आईडी बनाई है। हालांकि, अभी तक किसी भी व्यक्ति ने इन नंबरों पर पैसे भेजने की बात सामने नहीं आई है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि यह फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट उजबेकिस्तान के नंबर से संचालित हो रहा है। साइबर थाने के डीएसपी ब्रजेश मीणा ने बताया कि मामले की जांच जारी है, हालांकि अभी तक किसी से औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।
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