Rajasthan News: राजस्थान में टोंक कलेक्टर सौम्या झा और उनके पति अक्षय गोदारा इन दिनों चर्चा में हैं. सौम्या, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं, ने हिमाचल प्रदेश कैडर में चयन के बाद शादी के बाद राजस्थान कैडर ले लिया. वहीं, उनके पति अक्षय गोदारा भी अपने प्रशासनिक सफर के कारण सुर्खियों में हैं. अक्षय का 18 दिनों में 3 बार ट्रांसफर हुआ और उनकी छवि सिंघम जैसी हो गई है.

कौन हैं अक्षय गोदारा?
अक्षय गोदारा का जन्म 18 अप्रैल 1994 को राजस्थान के पाली जिले के भाखरीवाला गांव में हुआ. उनके पिता दुर्गाराम गोदारा जोधपुर डिस्कॉम में सहायक अभियंता हैं और परिवार जोधपुर के करणी नगर बासनी में रहता है. अक्षय ने आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक किया. इसके बाद यूपीएससी की तैयारी कर पहले प्रयास में 603वीं रैंक हासिल की और आईपीएस बने. लेकिन उन्होंने दूसरा प्रयास किया और 40वीं रैंक हासिल कर आईएएस बन गए. उन्हें राजस्थान कैडर मिला.
प्रशासनिक सफर
- अक्षय ने 2017 में मसूरी से प्रशासनिक प्रशिक्षण प्राप्त किया.
- भरतपुर: असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में सेवा दी.
- नई दिल्ली: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक सचिव रहे.
- उदयपुर और अजमेर: मावली और झाड़ोल में उपखंड अधिकारी तथा अजमेर विकास प्राधिकरण के आयुक्त रहे.
- जयपुर: वाणिज्य कर विभाग में अतिरिक्त आयुक्त और जयपुर हेरिटेज निगम के आयुक्त रहे.
- बूंदी: अगस्त 2023 में जिला कलेक्टर के रूप में नियुक्ति हुई.
पावरफुल कपल की छवि
सौम्या झा और अक्षय गोदारा को राजस्थान का “पावर कपल” कहा जाता है. सौम्या टोंक में अपने सख्त निर्णयों के लिए जानी जाती हैं, जबकि अक्षय अपने बहुमुखी अनुभव और प्रशासनिक कौशल के लिए सराहे जाते हैं.
अभी क्यों हैं सुर्खियों में?
टोंक में हाल ही में हुए “थप्पड़ कांड” और सौम्या के साहसी निर्णयों ने उन्हें चर्चा में ला दिया. वहीं, अक्षय का तीन बार ट्रांसफर होना भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर चुका है. दोनों अपनी मेहनत और नेतृत्व क्षमता से राजस्थान प्रशासन में मिसाल बन चुके हैं.
पढ़ें ये खबरें
- बारिश से बेहाल जनता के लिए बड़ी राहत! बारिश से प्रभावित परिवारों को तुरंत मिलेगी मदद, जानें पूरी डिटेल
- सड़क पर खुला तार बना काल: शॉपिंग करने निकले भाजयुमो जिला महामंत्री की करंट से मौत, पत्नी भी चपेट में आई
- अस्थायी गौठान में मवेशियों की मौत, दो दिनों में 20 से ज्यादा पशुओं के दम तोड़ने का दावा, व्यवस्था पर उठे सवाल
- बहराइच में गड्ढे में मिला लावारिस नवजात, पुलिस ने सुरक्षित निकाला
- भाई वीरेंद्र का हमला, ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग, Gen-Z और युवाओं से सड़क पर उतरने की अपील


