Rajasthan Politics: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोमवार को उदयपुर स्थित CID-CB कार्यालय में बयान दर्ज कराए। यह बयान कोटा में पिछले वर्ष दर्ज एक मामले के संदर्भ में दर्ज किए गए, जिसमें सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया था। इस दौरान कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी जुटे।

कानून का सम्मान करते हैं- डोटासरा
डोटासरा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमें CID-CB की ओर से बुलावा मिला, और हमने कानून का पालन करते हुए उदयपुर पहुंचने का निर्णय लिया।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह मुकदमा राज्य सरकार के दबाव में दर्ज किया गया है और इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया।
मंत्री दिलावर पर 14 मुकदमे, फिर भी कार्रवाई नहीं
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर तीखा हमला करते हुए डोटासरा ने कहा, “मदन दिलावर पर खुद 14 मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन सरकार की ओर से उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सरकार स्पष्ट रूप से दोहरी नीति अपना रही है – एक ओर विपक्ष के नेताओं पर कार्रवाई, और दूसरी ओर अपने मंत्रियों को संरक्षण।”
कोटा प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
यह मामला कोटा देहात कांग्रेस कमेटी द्वारा बिजली, पानी और सड़कों की समस्याओं को लेकर किए गए प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे अब लेकर कार्रवाई की जा रही है।
टीकाराम जूली का तीखा प्रहार
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, मंत्री विधानसभा में जवाब तक नहीं दे पाते। एक ही सत्र में तीन बिलों को वापस भेजना पड़ा। सरकार ने हरियाणा और गुजरात के बराबर पेट्रोल के दाम करने का वादा किया था, लेकिन वह अधूरा है।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की भी आलोचना की और कहा कि खाली पदों को भरने का वादा पूरा नहीं किया गया है। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को लेकर भी सरकार की कोई ठोस नीति नहीं दिखती, जूली ने कहा।
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