Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे को हिलाकर रख दिया है। जयपुर के पॉश इलाके मानसरोवर में 11 साल से रह रही अनु मीणा ने आखिरकार 7 अप्रैल को फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। लेकिन यह सिर्फ एक खुदकुशी नहीं है। अब जो सबूत सामने आए हैं, वो किसी भी रोंगटे खड़े कर देने वाली थ्रिलर फिल्म से कम नहीं हैं।

अनु के 15 अप्रैल को उठाए गए इस खौफनाक कदम के बाद से ही उसका पति और PWD विभाग का एक्सएन (XEN) गौतम मीणा फरार चल रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जगह-जगह खाक छान रही है। इसी बीच अनु और गौतम के बीच की कुछ व्हाट्सएप चैट सामने आई हैं। ये चैट बताती हैं कि वो अफसर कितना संवेदनहीन था।

रसोई में गैस सिलेंडर खोलकर मारने की थी तैयारी

सामने आई व्हाट्सएप चैट 13 और 17 मार्च की हैं। चैट पढ़कर किसी का भी कलेजा कांप जाए। पहली चैट में अनु ने अपने पति के जुल्मों का कच्चा चिट्ठा खोला था। अनु ने लिखा था, मारने वाले से बड़ा बचाने वाला है, वरना कसर नहीं छोड़ी थी मारने में। दुखी हो जाओ कि हम तीनों मरे नहीं।

दरअसल, आरोपी गौतम ने अनु और अपने ही बच्चों को रसोई में बंद करके गैस सिलेंडर खोल दिया था। वो सबको जिंदा जलाना चाहता था। इस खौफनाक मैसेज के जवाब में आरोपी अफसर ने सिर्फ हाथ जोड़ने वाला एक इमोजी भेजा और अपनी बेटी के साथ फोटो शेयर कर जान है मेरी लिखकर बात को रफा-दफा करने की कोशिश की।

ऑनलाइन जुए और सट्टे की खौफनाक लत

जांच में जुटी पुलिस के हाथ एक और चौंकाने वाली बात लगी है। PWD का यह बड़ा अफसर कोई सीधा-साधा इंसान नहीं है। गौतम मीणा को ऑनलाइन जुए और सट्टे की भयानक लत थी। वह i win नाम की एक गेमिंग वेबसाइट पर सालों से एक्टिव था। उसने वहां 2023 में अपना अकाउंट भी बनाया था।

सट्टे में रोज लाखों रुपये हारने के कारण ही घर में आए दिन विवाद होता था। गौतम अपनी इस गंदी आदत का गुस्सा अनु और बच्चों पर निकालता था। वारदात के बाद से सिर्फ गौतम ही नहीं, बल्कि उसके चाचा-ताऊ समेत परिवार के सारे लोग अपने-अपने फोन बंद करके गायब हो चुके हैं।

भाई ने डिप्टी सीएम दीया कुमारी से लगाई गुहार

अनु की मौत का राज तब खुला जब 15 अप्रैल को उसके मासूम बेटे ने मां के मोबाइल में पिता की प्रताड़ना के ये सारे सबूत देखे। अब इस मामले ने पूरी तरह से राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। अनु के भाई नीरज ने आज सोमवार को राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी से मुलाकात की।

नीरज ने डिप्टी सीएम को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि आरोपी गौतम के खिलाफ तुरंत कड़ा विभागीय एक्शन लिया जाए। उपमुख्यमंत्री ने भी परिवार को भरोसा दिलाया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवार ने अब इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग उठा दी है।

डीसीपी साउथ राजर्षि राज का कहना है कि आरोपी निवाई में पोस्टेड है। पुलिस की स्पेशल टीमें उसके गांव चीतवाड़ी और निवाई में लगातार छापेमारी कर रही हैं, लेकिन वह जयपुर से बाहर भाग चुका है। पुलिस का दावा है कि आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।

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