Rajasthan News: राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की सुचिता पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। जालोर के एक सरकारी कॉलेज में तैनात लैब असिस्टेंट को SOG ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने वरिष्ट अध्यापक की परीक्षा में डमी कैंडिडेट बनकर सॉल्वर की भूमिका निभाई थी।

6 लाख का सौदा, बीच में फंसा बिचौलिया

जांच में जो बातें सामने आई हैं, वो हैरान करने वाली हैं। आरोपी महेंद्र कुमार विश्नोई और मूल अभ्यर्थी सत्यप्रकाश मीना के बीच एक बिचौलिए रामहंस मीना ने डील करवाई थी। पूरा सौदा 6 लाख रुपये में तय हुआ था। महेंद्र ने न केवल परीक्षा दी, बल्कि मूल अभ्यर्थी को चयन दिलाने में भी मदद की। अब SOG की टीम महेंद्र से पूछताछ कर रही है ताकि इस गैंग के बाकी सदस्यों का पता चल सके।

भरतपुर सेंटर पर हुआ था खेल

पकड़ा गया आरोपी महेंद्र कुमार विश्नोई जालोर के रानीवाड़ा स्थित सरकारी कॉलेज में लैब असिस्टेंट है। कहानी 29 जनवरी 2023 की है। भरतपुर के अग्रसेन महिला विद्यापीठ में सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान का पेपर था। इस पेपर में सत्यप्रकाश के बदले महेंद्र परीक्षा देने पहुंचा था। मूल अभ्यर्थी सत्यप्रकाश मीना को SOG पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

नियुक्ति से पहले ही खुल गई पोल

धोखाधड़ी तो कर ली, लेकिन खेल पकड़ में आ गया। सत्यप्रकाश का चयन तो हो गया था, लेकिन राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) को इसकी भनक लग गई। शिकायत मिलते ही नियुक्ति पत्र रुक गया। इसके बाद SOG की जांच शुरू हुई और पूरा नेटवर्क बेनकाब हो गया। अब पुलिस इस पूरे गिरोह की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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