Rajasthan News: राजस्थान के डूंगरपुर जिले में एक बड़ा सरकारी जमीन घोटाला उजागर हुआ है। सीगवाड़ा पंचायत समिति की गोवाडी पंचायत में सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की जमीन एक एनआरआई को औने-पौने दाम पर बेच दी गई। हैरानी की बात यह है कि बाद में वही जमीन कांग्रेस के एक बड़े नेता के बेटे को मामूली लाभ के साथ बेच दी गई।

बिना नीलामी 28 पट्टे जारी, नियमों की अनदेखी
जानकारी के अनुसार, 30,331 वर्गफीट सरकारी जमीन के 28 पट्टे बिना किसी नीलामी के केवल ₹152 प्रति वर्गफीट की दर से दे दिए गए। जबकि जमीन की वास्तविक बाजार कीमत काफी अधिक थी। यह जमीन सागवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या 5 में स्थित है, जहां सरकारी DLC दर ₹632 प्रति वर्गफीट है। ऐसे में सरकार को प्रति वर्गफीट ₹480 की भारी राजस्व हानि हुई।
एनआरआई को दिया गया पट्टा, नियमों की अवहेलना
पट्टा जिन कमलकांत पाटीदार को दिया गया, वे न केवल गोवाडी पंचायत के निवासी नहीं हैं, बल्कि एक एनआरआई भी हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमों के विरुद्ध सरकारी जमीन का मालिकाना हक सौंप दिया गया। नियमों के अनुसार केवल गांव के निवासी को ही, वह भी 25 वर्ष पुराने कब्जे के आधार पर, जमीन का पट्टा दिया जा सकता है।
17 महीने में कांग्रेस नेता को बेची गई जमीन
कमलकांत ने यह जमीन 10 सितंबर 2022 को मांगी थी। ग्राम पंचायत ने 20 सितंबर को अनुमोदन के लिए प्रस्ताव भेजा और 17 नवंबर को पंचायत समिति से मंजूरी मिल गई। 22 नवंबर को उपपंजीयन कार्यालय में 28 पट्टों का रजिस्ट्रेशन कर दिया गया।
इसके महज 17 महीने बाद, 15 अप्रैल 2024 को कमलकांत ने यह सारी जमीन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिनेश खोड़निया के बेटे आदिश खोड़निया को ₹171 प्रति वर्गफीट की दर से बेच दी यानी सिर्फ ₹19 का अंतर रखकर। बताया जा रहा है कि इस जमीन के आसपास खोड़निया परिवार की अन्य संपत्तियां पहले से मौजूद हैं।
जांच के बाद सामने हो सकते हैं बड़े खुलासे
जब गोवाडी पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी मनोज स्वर्णकार से बात की गई तो उन्होंने खुद को इस प्रक्रिया से पहले का बताया और जानकारी होने से इनकार किया। वहीं सागवाड़ा पंचायत समिति के विकास अधिकारी ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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