Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट की पूर्णपीठ की ओर से इस साल से माह में दो शनिवार न्यायिक कार्य दिवस घोषित करने पर शनिवार को वर्किंग डे रहेगा, हालांकि वकीलों ने विरोध स्वरूप स्वैच्छा से न्यायिक कार्यों से दूर रहकर पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया है। वकीलों में इस बात का भी रोष है कि मामले में गठित कमेटी की रिपोर्ट से वकीलों को अवगत नहीं कराया गया। ऐसे में हाईकोर्ट बार, जयपुर और जोधपुर स्थित एडवोकेट्स एसोसिएशन व लॉयर्स एसोसिएशन ने कार्य बहिष्का कर निर्णय लिया है।

हाईकोर्ट बार अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने बताया कि पूर्व में इस संबंध में विवाद होने पर हाईकोर्ट प्रशासन ने पांच जजों की कमेटी बनाई थी। जिसे 21 जनवरी तक एक्टिंग सीजे को रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन इस कमेटी की रिपोर्ट की जानकारी एसोसिएशन नहीं दी गई और शनिवार को मुकदमों की सुनवाई की सूची जारी कर दी गई।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट की पूर्णपीठ की बैठक में गत 12 दिसंबर को निर्णय हुआ था। जिसमें तय किया गया था कि अदालतों को में बढ़ते मुकदमों को देखते हुए हर माह दो शनिवार को मुकदमों की सुनवाई की जाएगी। ऐसे में साल में 24 दिन अतिरिक्त कार्यदिवस के रूप में मिलेंगे।
इस निर्णय का विरोध करते हुए वकीलों का कहना है कि इससे कामकाज प्रभावित होगा। अभी वकील शनिवार को अपने कार्यालय का अवकाश रखते हैं और सोमवार को सूचीबद्ध मुकदमों की तैयारी के लिए रविवार को काम करते हैं, लेकिन हाईकोर्ट के इस निर्णय से अब वकीलों को सातों दिन काम करना पड़ेगा।
पढ़ें ये खबरें
- राजस्थान के लिए खुशखबरी, बाड़मेर में खनिजों का खजाना खुलेगा, 8 जिलों में नई फोर्स का ऐलान
- लुधियाना में फिर बम धमकी से हड़कंप, डीसी ऑफिस, नगर निगम और रेलवे लाइन को उड़ाने की चेतावनी
- पटना में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गिनाई मोदी सरकार की उपलब्धियां, बोले- 12 वर्षों में बदली देश की तस्वीर
- MP में मौत का तांडव: इन 3 जिलों में खून से लाल हुई सड़क, हादसे में 6 लोगों की गई जान
- ‘तुम लोग परजीवी हो’, CJI सूर्यकांत ने आरोपी को नहीं दिया बेल, जाने कॉक्रोच वाली टिप्पणी के बाद परजीवी किसे कहा
