Rajasthan News: मानसरोवर के बहुचर्चित अनु मीणा सुसाइड केस में हर दिन ऐसे खौफनाक और हैरान करने वाले राज खुल रहे हैं, जो किसी भी सभ्य समाज को शर्मसार कर दें। 7 अप्रैल को फांसी लगाने वाली अनु के भाई नीरज ने पुलिस की एफआईआर (FIR) में पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग के एक्सईएन (XEN) पति गौतम मीणा के उन काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोला है, जिसे अनु अपनी मौत तक सिर्फ घर की इज्जत की खातिर सहती रही।

दिवाली की सफाई और पुश्तैनी मकान का वो गंदा सच

एफआईआर के मुताबिक, गौतम मीणा के उनके घर काम करने वाली नौकरानी (कामवाली) के साथ अवैध संबंध थे। पिछले साल दीपावली के समय अनु ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया था। इसके बाद गौतम, अनु और कामवाली को अपने पैतृक गांव चितवाड़ी ले गया। बच्चों को नाना-नानी के पास छोड़ दिया गया था।

गांव के पुश्तैनी घर में जब अनु ने अपनी आंखों से पति को नौकरानी के साथ गलत काम करते देखा, तो वह सन्न रह गई। विरोध करने पर बौखलाए अफसर पति ने अनु को बेरहमी से पीटा। अनु ने रोते हुए अपनी मां को फोन किया, जिसके बाद मां ने उसे तुरंत पड़ोस में रहने वाले काका ससुर के घर शरण लेने को कहा। बाद में हर बार की तरह गौतम ने पैर पकड़कर माफी मांग ली और मामला रफा-दफा हो गया।

गैस चालू कर बच्चों और पत्नी को घर में किया लॉक

भाई नीरज ने पुलिस को एक ऐसी घटना बताई जिसे सुनकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। 13 मार्च की रात को साइको बन चुके इस अफसर ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। गौतम ने अपनी पत्नी अनु और दोनों मासूम बच्चों को कमरे के अंदर बंद (Lock) कर दिया। उसने पूरे घर की एलपीजी (LPG) गैस ऑन कर दी ताकि दम घुटने या ब्लास्ट से सबकी मौत हो जाए और वह वहां से रफूचक्कर हो गया। रातभर मां और बच्चे उस मौत के कुएं में बंद रहे। सुबह जब पड़ोसियों को बदबू आई, तो उन्होंने किसी तरह दरवाजा तोड़कर तीनों को बाहर निकाला।

नीरज के लिए इतने बड़े हादसे के बाद हमने बहन से कहा कि तुम हमारे पास आकर रह लो। लेकिन वो भोली थी, कहती थी कि गौतम इकलौता है, उसके मां-बाप नहीं हैं, अगर मैं चली गई तो उसे खाना कौन देगा? इसी चिंता में वो वापस उस नरक में लौट गई।

चेहरे पर थूकना, जूतों से पिटाई और दूसरी शादी की धमकी

एफआईआर में आरोप है कि शराब के नशे में चूर यह इंजीनियर पत्नी के चेहरे पर थूकता था और उसे जूतों से पीटता था। इस प्रताड़ना में गौतम के चाचा रतन मीणा और मामा दीनदयाल भी शामिल थे। रतन मीणा अक्सर शराब पीकर अनु को धौंस देता था कि वह गौतम की दूसरी शादी करवाएगा। हैरान करने वाली बात यह है कि गौतम का चाचा और मामा दोनों खुद अपनी पत्नियों से अलग रह रहे हैं और वे अनु को भी घर से बाहर निकालना चाहते थे।

जेल ही तो जाऊंगा, जमानत पर बाहर आ जाऊंगा

बहन की मौत के बाद जब टूट चुके पिता ने गौतम को फोन किया, तो इस रसूखदार अफसर के अहंकार में कोई कमी नहीं थी। उसने ससुर से दोटूक कहा, जेल ही तो जाऊंगा, जमानत कराकर वापस बाहर आ जाऊंगा। वह उल्टा अनु को ही अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराता रहा।

परिजनों ने बताया कि वे समाज और लोक-लाज के डर से 12 दिनों तक चुपचाप शोक मनाते रहे, लेकिन जब मासूम बच्चों ने रो-रोकर पिता की करतूतें बयां करना शुरू कीं, तो परिवार का सब्र टूट गया। फिलहाल पुलिस मामले में आरोपी एक्सईएन गौतम मीणा की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

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