Rajasthan News: कोटा के लाडपुरा इलाके में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर अचानक बिना किसी तामझाम के मानस गांव की गलियों में पैदल ही घूमते नजर आए। मंत्री को इस तरह अपने बीच पाकर गांव वाले भी चौंक गए।

मदन दिलावर जैसे ही रामराजपुरा और मानस गांव की नालियों के पास पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनका पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। हर तरफ गंदगी और बजबजाती नालियां देखकर उन्होंने तुरंत अधिकारियों की क्लास लगानी शुरू कर दी।

जीतने के बाद से नहीं देखी शक्ल

मंत्री दिलावर जब खुद गलियों का मुआयना करने निकले तो ग्रामीणों का दर्द छलक पड़ा। गांव वालों ने मानस गांव पंचायत के सरपंच नरेश मेघवाल के खिलाफ शिकायतों का अंबार लगा दिया। लोगों ने सीधे मंत्री के सामने कहा कि चुनाव जीतने के बाद से आज तक सरपंच ने गांव में कदम नहीं रखा है। गांव वालों ने कहा कि 5 साल बीतने को आए पर हमने सरपंच की शक्ल तक नहीं देखी। वो तो बस शराब पीकर अपने घर में मस्त रहता है, उसे गांव के विकास और सफाई से कोई मतलब ही नहीं है।

5 गांवों के बीच सिर्फ एक ट्रैक्टर, भड़के मंत्री

पैदल मार्च के दौरान मंत्री दिलावर ने देखा कि नालियां पूरी तरह जाम हैं और कचरा सड़कों पर फैला हुआ है। जब उन्होंने पूछा कि कचरा उठाने की क्या व्यवस्था है, तो चौंकाने वाली बात सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि पूरे 5 गांवों का कचरा साफ करने के लिए महज़ एक ट्रैक्टर-ट्रॉली है। इस अव्यवस्था को देख मंत्री ने नाराजगी जताई कि इतने बड़े इलाके में सफाई कैसे होगी।

मौके से ही बीडीओ को लगाया फोन, जांच के आदेश

गांव वालों का गुस्सा और मौके पर बदहाली देखकर मंत्री मदन दिलावर ने जेब से मोबाइल निकाला और सीधे ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) शैलेश रंजन को फोन लगा दिया। मंत्री ने फोन पर ही कड़े लहजे में सवाल-जवाब किए और पूछा कि जनता परेशान है तो प्रशासन क्या कर रहा है? उन्होंने बीडीओ को पूरे मामले की तुरंत जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अतिरिक्त विकास अधिकारी और स्वच्छ भारत मिशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के खिलाफ भी लापरवाही को लेकर जमकर फटकार लगाई।

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