Rajasthan News: जैसलमेर के पोकरण इलाके में इन दिनों सियासी हलचल तेज है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत खुद मैदान में उतरे हुए हैं। वे लगातार दूसरे दिन भी क्षेत्र के दौरे पर रहे। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि उनकी जनसुनवाई सूरज ढलने के बाद भी नहीं रुकी। मंत्री जी ने देर रात डेढ़ बजे तक लोगों की फरियाद सुनी। प्रशासन के बड़े अधिकारी भी मौके पर तैनात रहे।

रात 1:30 बजे तक चली जनता की अदालत

पोकरण के फलसूंड इलाके में शनिवार की रात कुछ अलग ही थी। अमूमन रात में सन्नाटा पसर जाता है, लेकिन यहां जनसुनवाई के चलते भारी भीड़ जुटी रही। मंत्री शेखावत ने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। बिजली, पानी और सड़क जैसे बुनियादी मुद्दों पर अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए गए। मंत्री का यह अंदाज देख लोग भी दंग रह गए। इतनी रात तक किसी केंद्रीय मंत्री का रुकना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सरपंच के घर सादा खाना और देसी ठाठ

काम निपटाने के बाद मंत्री शेखावत ने किसी बड़े होटल या सर्किट हाउस जाने के बजाय गांव की मिट्टी को चुना। उन्होंने निवर्तमान सरपंच रतन सिंह के घर पर ही रात बिताई। खाने में भी कोई तामझाम नहीं था। शेखावत ने स्थानीय लोगों के साथ बैठकर बाजरे का चूरमा, ताजा मक्खन, राबड़ी, केर-सांगरी और बाजरे की रोटी का लुत्फ उठाया। खाने की मेज पर भी राजनीति से हटकर गांव की संस्कृति और परंपराओं पर बातें होती रहीं।

ओरण और गोचर भूमि का बड़ा मुद्दा

रविवार की सुबह होते ही ओरण बचाओ मुहिम से जुड़ी टीम मंत्री से मिलने पहुंच गई। जैसलमेर के लोगों के लिए ओरण और गोचर भूमि सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनकी आस्था है। ग्रामीणों ने मांग रखी कि लाखों बीघा ओरण भूमि को सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए। बता दें कि इस मांग को लेकर ये लोग जैसलमेर से जयपुर तक 725 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर चुके हैं।

मुलाकात के दौरान सुमेर सिंह भाटी और भोपाल सिंह जालोडा जैसे प्रतिनिधियों ने मंत्री को बताया कि वे 60 दिनों तक पैदल चले थे। शेखावत ने ग्रामीणों के इस संघर्ष को सलाम किया। उन्होंने साफ कहा कि वे इस बारे में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्व मंत्री से फिर से बात करेंगे। मंत्री के इस भरोसे के बाद ग्रामीणों की उम्मीदें एक बार फिर जग गई हैं। अब देखना होगा कि सालों से अटकी इस मांग पर सरकार क्या फैसला लेती है।

पढ़ें ये खबरें