Rajasthan News: जालोर ज़िले में पेपर लीक और नकल प्रकरणों में लिप्त पाए गए पाँच शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) मुनेशकुमार मीणा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इन शिक्षकों के खिलाफ गंभीर आरोप सिद्ध होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

गणपतराम बिश्नोई पर पेपर लीक में संलिप्तता
गणपतराम बिश्नोई को कनिष्ठ अभियंता परीक्षा 2020 के पेपर लीक मामले में शामिल पाए जाने पर 22 मार्च को निलंबित किया गया था। उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन 1 मई तक वे अनुपस्थित रहे। इसके बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
चार अन्य शिक्षक भी बाहर
इसके अलावा, सुनील कुमार बिश्नोई, अरविंद बिश्नोई, दलपत सिंह बिश्नोई और राजीव बिश्नोई को भी बर्खास्त किया गया है। इन पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और डमी अभ्यर्थी बैठाने जैसे गंभीर आरोप हैं।
ब्लूटूथ से नकल और फर्जी डिग्री जैसे गंभीर आरोप
इन शिक्षकों पर निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2012, कनिष्ठ लेखाकार परीक्षा 2013, और वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा 2016 में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कराने, पेपर लीक करने तथा तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाने जैसे आरोप साबित हुए हैं। जांच में इनके खिलाफ फर्जी डिग्रियां और कूटरचित दस्तावेजों की भी पुष्टि हुई है।
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