Rajasthan News: पुष्कर में चल रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर के आखिरी दिन वह हुआ जिसकी उम्मीद शायद कुछ ही नेताओं को थी. इस बैठक में अंदरखाने राजस्थान कांग्रेस का भविष्य तय करने की स्क्रिप्ट लिखी गई. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सूबे के बड़े नेताओं को एक बंद कमरे में बिठाया. इसके बाद लंबे समय तक शुरू हुआ सीधे सवालों और तीखे फीडबैक का दौर.

पार्टी के भीतर इस बैठक को राजस्थान कांग्रेस की नई दिशा और भविष्य के नेतृत्व को तय करने की बड़ी कवायद माना जा रहा है.

बंद कमरे में एक-एक नेता से पूछा हाल

सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी ने बैठक में मौजूद हर बड़े नेता से वन-टू-वन बात की. उन्होंने साफ पूछा कि भाजपा सरकार को घेरने के लिए आपके पास क्या प्लान है? इस पर प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तुरंत अपनी रिपोर्ट सामने रख दी. उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं को एक्टिव करने के लिए जमीन पर क्या काम चल रहा है. वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा के अंदर सरकार को बैकफुट पर लाने की रणनीति साझा की.

सीपी जोशी की दो टूक, युवाओं को दो कमान

बैठक में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी और राहुल गांधी के बीच सीधी बातचीत हुई. राहुल ने पूछा, राजस्थान में आगे क्या करना चाहिए? जोशी ने इसपर साफ कह दिया कि अब अनुभवी नेताओं को पीछे रहकर नई पीढ़ी यानी युवाओं पर भरोसा जताना होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर राजस्थान की सत्ता में वापसी करनी है, तो युवाओं को सिर्फ पद नहीं, बल्कि फैसले लेने के अधिकार भी देने होंगे.

सचिन पायलट ने दिया जनता के बीच जाने का मंत्र

सचिन पायलट ने भी इस चर्चा में खुलकर अपनी बात रखी. पायलट का कहना था कि कांग्रेस को सिर्फ दफ्तरों में नहीं, बल्कि आम आदमी के संघर्षों के बीच सड़क पर दिखना होगा. युवाओं को रोजगार, किसानों की दिक्कतें और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जब तक पार्टी आक्रामक नहीं होगी, जनता का भरोसा जीतना मुश्किल है. पायलट ने साफ किया कि लोगों को लगना चाहिए कि उनके हक की लड़ाई सिर्फ कांग्रेस ही लड़ सकती है.

दूसरी तरफ, रघुवीर मीणा ने एक बड़ी कमजोरी की तरफ ध्यान खींचा. उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाकों में कांग्रेस का जनाधार खिसक रहा है. वहां नए और स्थानीय चेहरों को आगे लाकर संगठन को नए सिरे से खड़ा करना बेहद जरूरी हो गया है.

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