Rajasthan News: राजस्थान प्रशासनिक सेवा की चमकती सितारा मानी जाने वाली काजल मीणा अब सलाखों के पीछे पहुंचने की तैयारी में हैं। दरअसल, करौली जिले के नादौती में तैनात एसडीएम काजल मीणा को एसीबी (ACB) ने 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया है। सूत्रों ने बताया कि कभी जिस अफसर की साख और पढ़ाई की मिसाल दी जाती थी, आज उनके दफ्तर के बाहर सन्नाटा पसरा है और चर्चा सिर्फ भ्रष्टाचार की हो रही है।

IIT मंडी से पढ़ाई और केंद्र की नौकरी का सफर
बता दें कि काजल मीणा का करियर रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने IIT मंडी से बीटेक किया और इसके बाद दिल्ली में केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग और EPFO जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अधिकारी रहीं। गौरतलब है कि वह साल 2024 बैच की RAS टॉपर रही हैं। उनकी पहली पोस्टिंग प्रतापगढ़ हुई थी, लेकिन वहां उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। अक्टूबर 2024 में उन्होंने नादौती में एसडीएम का पद संभाला था।
जमीन के बंटवारे के लिए मांगी घूस
सूत्रों के अनुसार, काजल मीणा ने जमीन के बंटवारे की फाइनल डिक्री जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शुरुआत में 1 लाख रुपये मांगे गए थे, लेकिन सौदा 60 हजार में तय हुआ। एसडीएम के निर्देश पर उनके रीडर दिनेश ने 50 हजार एसडीएम के लिए और 10 हजार खुद के लिए लिए थे। स्थानीय लोगों ने तो यहां तक आरोप लगाए हैं कि क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन में भी मैडम की मौन सहमति रहती थी।
सिस्टम और पारदर्शिता पर बड़े सवाल
मिली जानकारी के अनुसार, काजल मीणा अपने रसूख के कारण पहले से ही चर्चा में थीं। लेकिन एक टॉपर अफसर का इस तरह भ्रष्टाचार के कीचड़ में गिरना राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। एसीबी अब इस मामले की तह तक जाने के लिए उनके पुराने रिकॉर्ड और संपत्तियों की जांच में जुट गई है।
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