Rajasthan News: कथावाचिका साध्वी प्राची ने जैसलमेर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेले को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगना चाहिए। साध्वी प्राची ने कहा, कुंभ में संत तपस्या करने के लिए आते हैं, लेकिन कुछ लोग उनका धर्म भ्रष्ट करने के लिए ‘थूक जिहाद’ और ‘मूत्र जिहाद’ जैसी गतिविधियां फैलाते हैं। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? इसलिए कुंभ मेले में मुस्लिमों की एंट्री नहीं होनी चाहिए।

सलमान खान पर भी साधा निशाना
साध्वी प्राची ने अभिनेता सलमान खान पर भी तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “लॉरेंस बिश्नोई मासूम बच्चा है। सलमान खान काले हिरण को मारता है, सोते हुए लोगों पर गाड़ी चढ़ाता है और न जाने कितनी लड़कियों का भविष्य बर्बाद कर चुका है। उसकी चर्चा करना बेकार है।” साध्वी प्राची अपने विवादित बयानों के लिए जानी जाती हैं।
बागपत से है साध्वी प्राची का नाता
साध्वी प्राची मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत की रहने वाली हैं। उनका परिवार आर्य समाज से जुड़ा है। उन्होंने योग और वेद विषयों में डबल एमए किया है। साध्वी ऋतंभरा की गुरु बहन मानी जाने वाली प्राची ने वेदों पर शोध भी किया है और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है।
पहले भी दे चुकी हैं विवादित बयान
साध्वी प्राची का नाम 2013 में मुजफ्फरनगर दंगों से ठीक पहले हुई जाट महापंचायत में सामने आया था। इस पंचायत के बाद दो पक्षों में हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें कई लोग मारे गए थे। उस समय उनके खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज किया गया था।
2015 में राजस्थान के भीलवाड़ा में साध्वी प्राची ने हिंदू महिलाओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करने का बयान दिया था। इस कार्यक्रम में उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज भी मौजूद थे। उनके इस बयान पर सपा नेता शिवपाल यादव ने कड़ा विरोध जताया था।
पढ़ें ये खबरें
- संगीत नाटक अकादमी: रामलाल बरेठ को अकादमी फेलोशिप, अनूप रंजन, आनंद कुमार और घनश्याम साहू को मिला पुरस्कार…
- तेजस्वी का कच्चा चिट्ठा: बोले- बिहार में ध्वस्त है कानून-व्यवस्था, इमरजेंसी फंड तक नहीं सुरक्षित
- PDA आरक्षण में 11,514 सीटों की ‘महा-लूट’, युवाओं का भविष्य दांव पर!
- SDM का पदभार संभालते ही एक्शन मोड में जसपाल सिंह गिल, पत्रकारों के साथ मिलकर बनाई विकास की रूपरेखा!
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबर का असर: निजी स्कूल के छात्रों के लिए खुली सांदीपनि विद्यालयों की राह, प्रतिबंध हटा, शिक्षा विभाग ने बदले नियम
