Rajasthan News: राजस्थान में बजरी माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जोधपुर की लूनी नदी में वर्षों से चल रहे अवैध बजरी खनन पर अब पुलिस की कड़ी नजर है। बजरी माफियाओं ने यहां एक मजबूत नेटवर्क बनाकर माइनिंग विभाग और पुलिस को चुनौती देना शुरू कर दिया था। उनकी हिम्मत इतनी बढ़ गई थी कि वे पुलिस वाहनों को टक्कर मारकर भागने से भी नहीं हिचकते थे। हालांकि, डीसीपी वेस्ट राजर्षि राज वर्मा के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के बाद प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है।

24 घंटे निगरानी, पुलिस ने कसा शिकंजा
जहां पहले लूनी नदी में दिन-रात जेसीबी और डंपर चलते थे, अब वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई पर राहत की सांस ली है। पुलिस ने लूनी नदी के 80 किलोमीटर के क्षेत्र में 18 अस्थायी चेक पोस्ट स्थापित कर दी हैं, जहां 110 से अधिक पुलिसकर्मी 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। इस सख्ती के चलते अब अवैध बजरी परिवहन करने वाले डंपर न तो नदी में दिखाई दे रहे हैं और न ही सड़कों पर।
बजरी माफियाओं की संपत्तियां होंगी जब्त
डीसीपी वर्मा के अनुसार, नए भारतीय कानून संहिता के तहत अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को सरकार जब्त कर सकती है। अब पुलिस उन बजरी माफियाओं की संपत्तियां जब्त करने की तैयारी में है, जिन्होंने अवैध खनन से करोड़ों की कमाई की है। पहले केवल NDPS मामलों में आरोपियों की संपत्तियां सीज की जाती थीं, लेकिन नए कानून के तहत अब बजरी माफियाओं के खिलाफ भी यही कार्रवाई होगी।
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