ODISHA DESK, भुवनेश्वर: भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने देश में मानसून को लेकर एक बड़ी और चिंताजनक चेतावनी जारी की है। डॉ. महापात्र के अनुसार, साल 2026 के मानसून सीजन में ‘अल नीनो’ (El Nino) का गहरा असर देखने को मिल सकता है, जिसके कारण इस साल देश में पिछले तीन वर्षों की तुलना में सबसे कम बारिश होने की आशंका है।
आईएमडी ने पहले ही इस सीजन में सामान्य से कम मानसून बारिश होने का अनुमान जताया था। इस नई चेतावनी ने अब देश भर में कृषि, पानी की उपलब्धता और भीषण गर्मी को लेकर चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं।
मौसम विभाग के महानिदेशक ने बताया, “जून के महीने में अल नीनो कमजोर चरण में उभर सकता है। इसके बाद जुलाई और अगस्त के दौरान इसके मजबूत होकर मध्यम चरण में पहुंचने की उम्मीद है, जबकि सितंबर आते-आते यह बेहद शक्तिशाली रूप धारण कर सकता है।”
बता दें कि प्रशांत महासागर में पानी के गर्म होने की इस प्रक्रिया का सीधा असर वैश्विक मौसम चक्र पर पड़ता है, जिससे भारत में अक्सर सूखा या बेहद कम बारिश की स्थिति बनती है।
अल नीनो के बढ़ते खतरे को लेकर केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया की अन्य बड़ी मौसम एजेंसियों ने भी अलर्ट जारी किया है। ऑस्ट्रेलिया के मौसम विज्ञान ब्यूरो ने जून तक इसके शुरू होने का अनुमान लगाया है। वहीं, चीन के राष्ट्रीय जलवायु केंद्र का कहना है कि प्रशांत महासागर में तापमान बढ़ने की प्रक्रिया पहले ही अल नीनो चरण में प्रवेश कर चुकी है और इसके आगे और तेज होने की पूरी संभावना है।
इसके अलावा, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ (NASA) के सैटेलाइट डेटा से भी प्रशांत महासागर की सतह के नीचे गर्म पानी का एक बड़ा पूल जमा होने का पता चला है। मौसम विज्ञानी इसे अल नीनो के गठन का एक प्रमुख और अकाट्य संकेत मान रहे हैं। यदि यह अनुमान सच साबित होता है, तो आने वाले महीनों में देश के कई हिस्सों में गंभीर जल संकट और सूखे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
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