Rajasthan News: राजस्थान में SI भर्ती पेपर लीक मामले में सरकार ने पकड़े गए ट्रेनी SI को बर्खास्त करने की मंशा जाहिर की है। सोमवार को हाई कोर्ट में हुई सुनवाई में सरकार ने अदालत से कहा कि वह दोषी ट्रेनी SI को हटाना चाहती है। इस पर अदालत ने सरकार से आरोपितों की सूची प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत में दावा किया कि आरपीएससी के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा ने परीक्षा से 35 दिन पहले ही पेपर पूर्व सदस्य रामूराम राइका को सौंप दिया था। आरोप है कि कटारा ने 600 सवालों के उत्तर हाथ से लिखकर दिए, जिससे संगठित भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है।
ED ने शुरू की जांच
अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो चुकी है, क्योंकि पैसे के लेन-देन की बात सामने आई है। ED अब केवल पेपर लीक की जांच नहीं करेगी, बल्कि भ्रष्टाचार और आर्थिक लेन-देन की गहराई से पड़ताल करेगी।
सरकार का कहना है कि पेपर महज 5 मिनट पहले लीक हुआ था, इसलिए पूरी भर्ती रद्द करना जल्दबाजी होगी। वहीं, हाई कोर्ट ने 50 चयनित ट्रेनी SI को भी पक्षकार बनने की इजाजत दे दी है। उनके वकील तनवीर अहमद ने तर्क दिया कि सभी उम्मीदवार पेपर लीक में शामिल नहीं थे और उन्होंने ईमानदारी से परीक्षा दी थी। बता दें कि अदालत में इस मामले की सुनवाई जारी है। सरकार और जांच एजेंसियां दोषियों पर शिकंजा कस रही हैं, लेकिन पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द होगी या नहीं, इस पर फैसला आना बाकी है।
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