Rajasthan News: वन स्टेट वन इलेक्शन की पहल के तहत भजनलाल सरकार राजस्थान के 49 नगर निकायों में प्रशासकों की नियुक्ति कर चुकी है। इनमें 5 नगर निगम, 20 नगर परिषद, और 24 नगर पालिकाओं के बोर्ड शामिल हैं। अब इन क्षेत्रों में नए जनप्रतिनिधियों के चुने जाने का इंतजार है।

इसी बीच, उदयपुर नगर निगम में 55 वर्षों बाद बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे नगर निगम का नक्शा ही बदल जाएगा। सरकार ने 19 पंचायतों के 33 गांवों को निगम क्षेत्र में शामिल करने का निर्णय लिया है। इस कदम के बाद उदयपुर नगर निगम का क्षेत्र और अधिक विस्तृत हो जाएगा, जिससे कई ग्रामीण इलाकों को शहरी सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ होगा।
ग्रामीणों को मिलेंगी सुविधाएं
उदयपुर नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश ने बताया कि पिछली बार 1969 में तत्कालीन उदयपुर नगर परिषद का विस्तार किया गया था। अब 55 साल बाद, उदयपुर नगर निगम क्षेत्र का विस्तार कर आसपास की ग्राम पंचायतों के 33 गांवों को निगम क्षेत्र में शामिल किया जा रहा है। यह फैसला उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) से इन गांवों को नगर निगम की सीमा में लाकर किया गया है।
इसके तहत ग्राम पंचायत क्षेत्र के निवासियों को पानी, सफाई, घर-घर कचरा संग्रहण, सड़क, नाली, और रोड लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
पिछले महीने कलेक्टर ने भेजा था प्रस्ताव
इन गांवों में अभी तक सड़क, नाली और रोड लाइट जैसी सुविधाओं का अभाव था, जिसके कारण इनका विकास नहीं हो पाया। अब इन्हें नगर निगम के दायरे में लाने से विकास कार्यों को गति मिलेगी।
इस बदलाव के लिए कलेक्टर और निगम प्रशासक अरविंद पोसवाल ने 27 नवंबर 2024 को राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिस पर अब सरकार की मंजूरी मिल गई है।
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