Rajasthan News: कोटा के नए अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन (सिजर) के बाद जो हो रहा है, उसने हर किसी को डरा दिया है। अब तक 8 महिलाओं की किडनी फेल होने और 3 की मौत की खबर से पूरा शहर सहमा हुआ है। शनिवार को एक और महिला पिंकी की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसे आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज के एसएसबी (SSB) ब्लॉक में शिफ्ट करना पड़ा। डॉक्टर खुद हैरान हैं, आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, उन्हें भी समझ नहीं आ रहा।

ऑपरेशन के बाद किडनी ने दिया जवाब

सुल्तानपुर के किशोरपुरा गांव की रहने वाली पिंकी के पेट में 7 महीने का बच्चा खत्म हो गया था। सुल्तानपुर से उसे कोटा रेफर किया गया। 8 मई की रात जेके लोन में उसका ऑपरेशन हुआ। सुबह तक तो सब ठीक था, लेकिन अचानक पिंकी का यूरिन (पेशाब) आना बंद हो गया। उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। अब उसका डायलिसिस चल रहा है।

मौत का आंकड़ा बढ़ा, 11 केस आए सामने

हालात ये हैं कि अब तक कुल 11 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। एसएसबी ब्लॉक में इस वक्त 6 महिलाएं भर्ती हैं, जबकि 2 का इलाज प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। जेके लोन में शनिवार रात एक और पिंकी नाम की महिला की तबीयत बिगड़ गई, जिसे दोबारा ऑपरेशन थिएटर ले जाना पड़ा। पूरे मामले को 6 दिन बीत गए हैं, लेकिन जांच कमेटी अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा का कहना है कि डिलीवरी के केस अक्सर क्रिटिकल होते हैं, लेकिन असल वजह क्या है, ये अभी भी पहेली बनी हुई है।

प्रिंसिपल के पोस्टर पर कालिख, कांग्रेस का भारी विरोध

इस लापरवाही के खिलाफ कोटा की सड़कों पर गुस्सा फूट पड़ा है। रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज गेट पर प्रदर्शन किया और सद्बुद्धि यज्ञ किया। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. नीलेश जैन के पोस्टर पर कालिख पोत दी। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि लीपापोती बंद हो और प्रिंसिपल अपना इस्तीफा दें।

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