Rajasthan News: जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम में आपको लंबे समय तक सन्नाटा देखने को मिलेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने यहां खेल गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। ये एक्शन अचानक नहीं हुआ है। ट्रिब्यूनल लंबे समय से स्टेडियम प्रबंधन से जवाब मांग रहा था, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

पानी की बर्बादी ने बढ़ाई मुसीबत
सूत्रों के मुताबिक, मामला स्टेडियम के मेंटेनेंस में पानी की जमकर बर्बादी का है। आरोप ये है कि पिच को हरा-भरा रखने के लिए पीने योग्य भूजल (groundwater) का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि नियम ये है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का पानी या फिर रेन वाटर हार्वेस्टिंग का इस्तेमाल हो। जयपुर के क्रिकेट फैंस इस खबर से मायूस हैं क्योंकि यहां के सवाई मानसिंह स्टेडियम में अक्सर बड़े मुकाबले होते रहे हैं। NGT इसे पर्यावरण के साथ खिलवाड़ मान रहा है।
क्या अब कोई मैच नहीं होगा?
अगली सुनवाई 17 अगस्त को होनी है। तब तक के लिए ट्रिब्यूनल ने साफ कर दिया है कि स्टेडियम में कोई भी क्रिकेट मैच या दूसरा आयोजन नहीं होगा। अगर प्रबंधन को खेल करवाना है, तो उन्हें साबित करना होगा कि उन्होंने पर्यावरण गाइडलाइंस का पालन किया है।
स्टेडियम की रौनक पर खतरा
ट्रिब्यूनल ने ये भी कहा है कि अगर अगली सुनवाई तक स्टेडियम प्रबंधन ने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया, तो ये पाबंदी और लंबी खिंच सकती है। यानी, अगर आप सोच रहे हैं कि अगले कुछ हफ्तों में यहाँ कोई बड़ा मैच होगा, तो फिलहाल ऐसा मुमकिन नहीं दिखता। अब गेंद प्रबंधन के पाले में है। देखते हैं, 17 अगस्त को क्या फैसला आता है।
पढ़ें ये खबरें
- iPhone 17 खरीदने की मची होड़ : कई मॉडल आउट ऑफ स्टॉक, कीमत बढ़ने की चर्चा से बढ़ी डिमांड
- अंबाला रिंग रोड का 90% काम पूरा: 17 जुलाई को पीएम मोदी करेंगे शुभारंभ, अंबाला रिंग रोड से पंजाब-हिमाचल-यूपी का सफर होगा आसान
- महाघोटाला: नगर पालिका के दो कर्मचारियों पर 7.78 करोड़ रुपये के गबन का आरोप, देर रात FIR दर्ज
- भाजपा उम्मीदवार की जन्मतिथि बनी विवाद की वजह, विपक्ष ने लगाए बाल श्रम के आरोप
- हंस नगर धमाका: बेटी के बाद पिता ने भी तोड़ा दम, बढ़ा कोहराम, आईजीएल कर्मचारियों पर केस दर्ज

