Rajasthan Nikay Chunav 2026 और आगामी पंचायत चुनाव के नतीजों के बाद अब जीत का जश्न सड़कों पर नहीं मनाया जा सकेगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने विजयी प्रत्याशियों के विजय जुलूस निकालने पर रोक लगा दी है। प्रत्याशी निर्वाचित होने का प्रमाण-पत्र लेने के बाद अपने परिवार, समर्थकों और आमजन के साथ खुशी मना सकेंगे, लेकिन बड़ी भीड़ के साथ सड़क पर उतरकर शक्ति प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। आयोग ने यह फैसला चुनाव परिणाम के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया है।

प्रमाण-पत्र लें और घर जाकर मनाएं जीत का जश्न

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान भीड़ जुटाने और समूह में नामांकन कराने जैसी प्रवृत्तियों को रोकने की कोशिश की गई है। प्रत्याशियों से सीमित संख्या में प्रस्तावकों के साथ नामांकन कराने को कहा गया, ताकि अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था न हो। इसी व्यवस्था को परिणाम के बाद भी लागू रखा गया है। आयोग का संदेश साफ है कि विजयी प्रत्याशी प्रमाण-पत्र लें और इसके बाद अपने घर या सीमित दायरे में समर्थकों के साथ खुशी मनाएं। परिवार, सहयोगियों और आम जनता के साथ जश्न मनाने पर कोई रोक नहीं है। प्रतिबंध केवल सार्वजनिक विजय जुलूस पर है।

भीड़ में नारेबाजी से बिगड़ सकता है माहौल

आयोग के मुताबिक चुनाव परिणाम आने के बाद माहौल पहले से संवेदनशील रहता है। एक तरफ विजयी प्रत्याशी और उनके समर्थकों में उत्साह होता है तो दूसरी तरफ हारने वाले प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में निराशा रहती है। ऐसे में मामूली विवाद भी बड़ा रूप ले सकता है। राजेश्वर सिंह ने कहा कि विजय जुलूस में असामाजिक तत्व भी शामिल हो सकते हैं। भीड़ के बीच किसी व्यक्ति की ओर से भड़काऊ नारा, उत्तेजक टिप्पणी या प्रतिद्वंद्वी को अपमानित करने वाली बात कही गई तो इससे तनाव पैदा हो सकता है। यही तनाव आगे विवाद और टकराव की स्थिति बना सकता है।

स्थानीय चुनावों में ज्यादा रहता है टकराव का खतरा

आयोग की चिंता सिर्फ भीड़ को लेकर नहीं है। पंचायत और निकाय चुनाव स्थानीय स्तर पर लड़े जाते हैं। कई बार मुकाबला व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच जाता है। ऐसे में जीत के बाद निकाला जाने वाला जुलूस राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का रूप ले सकता है। इसी वजह से आयोग ने जुलूस पर रोक लगाने का फैसला किया है। ढोल-नगाड़े, बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ सड़क पर निकलना और नारेबाजी करना अब विजय जुलूस के तौर पर नहीं किया जा सकेगा।

पंचायत चुनाव में भी लागू रहेगा प्रतिबंध

यह नियम केवल मौजूदा नगर निकाय चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि आगामी पंचायत चुनाव में भी विजय जुलूस पर रोक लागू रहेगी। इसका मतलब है कि ग्राम पंचायत से लेकर जिला परिषद तक चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों को भी परिणाम के बाद सार्वजनिक विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। वे अपने परिवार, समर्थकों और आमजन के साथ सीमित दायरे में जीत की खुशी मना सकेंगे।

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