Rajasthan Pachpadra Refinery: भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए शनिवार, 4 जुलाई का दिन अहम माना जा रहा है। राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सबसे आधुनिक और पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इस मौके पर राजस्थान के राज्यपाल, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद रहे।
पचपदरा रिफाइनरी में हर दिन करीब 1.8 लाख बैरल कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता है। यह क्षमता न्यूजीलैंड और वियतनाम जैसे कई देशों की कुल रिफाइनिंग क्षमता से भी अधिक बताई जा रही है। इस परियोजना को भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

देश की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
ऐसे समय में जब दुनिया कच्चे तेल की अनिश्चित आपूर्ति और वैश्विक संकटों का सामना कर रही है, यह रिफाइनरी भारत के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। इससे न सिर्फ घरेलू रिफाइनिंग क्षमता बढ़ेगी, बल्कि पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन को भी मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे ऊर्जा क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता और मजबूत होगी।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
रिफाइनरी का फायदा सिर्फ उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के रूप में विदेशों से आयात करता है, जिसे देश की रिफाइनरियों में ईंधन में बदला जाता है। पचपदरा रिफाइनरी शुरू होने से देश में ही बड़े पैमाने पर पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। इससे आयात पर निर्भरता कम करने, आपूर्ति को मजबूत बनाने और लंबे समय में ऊर्जा क्षेत्र को अधिक स्थिर बनाने में मदद मिलेगी।
पढ़ें ये खबरें
- छत्तीसगढ़ के बाद अब एमपी में भी मदरसा बोर्ड बंद करने की उठी मांगः शुरू हुआ ‘हाईवोल्टेज’ सियासी घमासान
- CM योगी का बड़ा फैसला: यूपी में अब 3 सदस्यीय विशेष पीठ करेगी शासकीय भूमि से जुड़े मामलों की सुनवाई
- इस्तीफा लिया, सदस्यता क्यों नहीं! चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर यशपाल आर्य ने खड़े किए सवाल, BJP सरकार और ट्रस्ट पर साधा निशाना
- फाइबर से भरपूर कॉर्न से बनाएं हेल्दी स्नैक्स, पाचन रहेगा दुरुस्त और दिनभर मिलेगी एनर्जी
- गडकरी के फॉर्मूले को भूटान ने दिखाया ठेंगा ! E20 पेट्रोल लेने से किया साफ़ इनकार
