Rajasthan Panchayat Elections: राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। पंचायत और निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण को लेकर कराए गए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब ओबीसी (राजनीतिक) आयोग सर्वे के आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है।

आयोग अपनी रिपोर्ट 5 अगस्त तक राज्य सरकार को सौंपेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों और नगरीय निकायों में ओबीसी आरक्षण का अंतिम स्वरूप तय किया जाएगा।

74.92 लाख से अधिक OBC परिवारों का सर्वे

सूत्रों के अनुसार, सर्वे में प्रदेश के 74.92 लाख से अधिक ओबीसी परिवारों का विवरण जुटाया गया है। इसमें उन परिवारों की भी जानकारी ली गई है, जिनके सदस्य पहले पंचायत, निकाय या अन्य चुनाव लड़ चुके हैं। सर्वे का एक उद्देश्य ऐसे परिवारों की पहचान करना भी है, जिन्हें अब तक राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। आयोग इन आंकड़ों के आधार पर अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।

5 अगस्त तक सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

ओबीसी आयोग सर्वे रिपोर्ट तैयार कर 5 अगस्त तक राज्य सरकार को सौंपेगा। इसके बाद स्वायत्त शासन विभाग और पंचायती राज विभाग आरक्षण प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। सरकार की ओर से रिपोर्ट पर निर्णय के बाद आरक्षित वार्डों और सीटों का निर्धारण किया जाएगा।

जिला कलक्टरों को मिली आरक्षण प्रक्रिया की जिम्मेदारी

सितंबर में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनावों को देखते हुए स्वायत्त शासन विभाग ने सभी जिला कलक्टरों को वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए अधिकृत कर दिया है। राज्य की 309 नगरीय निकायों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, अग्रिम वर्ग की महिलाओं तथा महिलाओं के लिए आरक्षित वार्डों का निर्धारण लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

चुनावी प्रक्रिया का संभावित कार्यक्रम

  • 5 अगस्त: ओबीसी आयोग रिपोर्ट सौंपेगा।
  • 15 अगस्त तक: आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी।
  • 15 अगस्त: राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी कर सकता है।
  • 15 नवंबर तक: पंचायत और निकाय चुनाव प्रक्रिया पूरी होने का लक्ष्य।


कांग्रेस ने भी तेज की चुनावी तैयारी

निकाय और पंचायत चुनाव को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस ने भी संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने सभी जिला प्रभारियों और 200 विधानसभा क्षेत्र समन्वयकों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं से संवाद करने और संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम के अनुसार 1 से 3 अगस्त के बीच प्रदेशभर में लगभग 2200 मंडल और 400 ब्लॉक कार्यकारिणी की बैठकें होंगी। 5 अगस्त को सभी जिला प्रभारी अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को सौंपेंगे। कांग्रेस का कहना है कि इन बैठकों के माध्यम से संभावित उम्मीदवारों का आकलन, स्थानीय मुद्दों की पहचान और चुनावी रणनीति तैयार की जाएगी।

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