Rajasthan Politics: राजस्थान भाजपा ने रविवार को बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने यह कार्रवाई पार्टी अनुशासन समिति की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर की। यह फैसला आहूजा द्वारा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के राम मंदिर में दर्शन के बाद गंगाजल छिड़कने की घटना के चलते लिया गया है।

अनुशासनहीनता के आरोप साबित
भाजपा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, ज्ञानदेव आहूजा के खिलाफ अनुशासनहीनता के आरोप सही पाए गए। प्रदेश अनुशासन समिति ने गहन जांच के बाद रिपोर्ट सौंपते हुए उनके कृत्यों को पार्टी के अनुशासन के खिलाफ बताया। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी किया।

पार्टी ने दी थी सख्त चेतावनी
कुछ दिन पहले ही प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा था कि भाजपा में किसी भी तरह की अस्पृश्यता या भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया था कि जो भी अनुशासन का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या था पूरा मामला?
6 अप्रैल को अलवर के एक श्रीराम मंदिर में रामनवमी के अवसर पर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें कांग्रेस नेता और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूजा-अर्चना की थी। इसके बाद ज्ञानदेव आहूजा ने आपत्ति जताते हुए मंदिर में गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया और विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा था कि “मंदिर में अपवित्र लोग आ गए थे,” जिस पर भारी विवाद हुआ। कांग्रेस ने इस पर भाजपा को घेरा, जिसके बाद आहूजा को कारण बताओ नोटिस जारी कर निलंबित कर दिया गया था।
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