Rajasthan Politics: राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 11 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले कांग्रेस ने इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने प्रचार अभियान के लिए नेताओं की लंबी फौज उतार दी है और 56 नेताओं को गांव-गांव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अंता उपचुनाव इस बार दिलचस्प मुकाबला पेश कर रहा है क्योंकि यहां त्रिकोणीय जंग बनने जा रही है एक तरफ बीजेपी के मोरपाल सुमन, दूसरी ओर कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया और इनके बीच निर्दलीय नरेश मीणा का मजबूत दावेदारी वाला तीसरा कोण है।

कांग्रेस ने अपने प्रचार की कमान बड़े नेताओं को सौंपी है। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पहले ही प्रचार में जुट चुके हैं, वहीं पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी 5 नवंबर को अंता में रोड शो करने जा रहे हैं। वे सुबह 10 बजे अंता पहुंचेंगे, उनके साथ कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे।

पार्टी की रणनीति साफ है ग्रामीण वोट बैंक पर फोकस और बूथ स्तर तक पहुंच। इसके लिए हर नेता को तीन-तीन गांवों का प्रभारी बनाया गया है, जिनका काम मतदाताओं से सीधे संवाद कर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया के पक्ष में माहौल बनाना है।
डोटासरा के निर्देश पर बनी यह टीम गांवों में जनसंपर्क, स्थानीय मुद्दों पर चर्चा और कांग्रेस की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने पर काम करेगी। बता दें कि अंता सीट से कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी, कांग्रेस और निर्दलीय नरेश मीणा के बीच सिमटता दिख रहा है। नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
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