पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ हुए अपने समझौते को लागू करने पर प्रतिबद्धता जताई है. पाकिस्तान-सऊदी और तुर्की के बीच एक सैन्य समझौता है. सऊदी अरब पर हूतियों के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच पाकिस्तान ने पहली बार अपनी हिम्मत दिखाते हुए सऊदी के समर्थन बयान दिया है. पाकिस्तान सेना के एक सीनियर जनरल ने कहा है कि उनका मुल्क सऊदी अरब की रक्षा के लिए “किसी भी हद तक” जाएगा.

पाकिस्तान का यह बयान खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जब रियाद ने मक्का के पास हूती ड्रोन हमले की कोशिश का आरोप लगाया था.

पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान कूटनीति से और प्रत्यक्ष मौजूद होकर सऊदी अरब की रक्षा करेगा. उसने हूती विद्रोहियों के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त बयान दिया है. यह बयान 7 अगस्त 2026 को पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के बाद आया है. 

पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा है कि पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ सिर्फ कूटनीतिक तौर पर नहीं, बल्कि सैन्य रूप से भी खड़ा है और जरूरत पड़ने पर ‘किसी भी हद तक’ जाकर सऊदी का बचाव करेगा. 

पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि उनका देश सिर्फ सऊदी अरब की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि मक्का और मदीना, इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता रखता है. 

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच पिछले महीने हुए त्रिपक्षीय मक्का रक्षा समझौते में सामूहिक सुरक्षा का ढांचा तय किया गया है. इसमें यह कहा गया है कि तीनों देशों में से किसी एक पर भी सशस्त्र हमला होने पर उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा.

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