Rajasthan Politics: राज्य में भाजपा सरकार के एक साल पूरा होने पर जहां जश्न का माहौल है, वहीं कांग्रेस ने सरकार की खामियों को उजागर करने का अभियान शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पूर्व मंत्री डॉ. रघु शर्मा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने कोटा में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए प्रदेश और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।

डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान के तहत 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया जा रहा है। लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि यह निवेश कहां और कैसे हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कई एमओयू ऐसे व्यक्तियों से हुए हैं जिनकी वित्तीय हैसियत संदिग्ध है। उन्होंने मांग की कि सरकार “राइजिंग राजस्थान” और ईआरसीपी (ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट) पर व्हाइट पेपर जारी करे ताकि जनता सच्चाई जान सके।
ERCP पर जानकारी की कमी
डॉ. शर्मा ने ईआरसीपी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हरियाणा और मध्य प्रदेश के साथ इस प्रोजेक्ट को लेकर एमओयू की बात करती है, लेकिन इसकी कोई ठोस जानकारी जनता को नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने मंचों से घोषणा तो की, लेकिन अब तक कोई कार्यान्वयन नहीं किया गया।
योजनाओं को बंद करने का आरोप
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस द्वारा शुरू की गई कई योजनाओं को बंद कर दिया। उन्होंने फ्री बिजली योजना, इंदिरा रसोई, और बीमा योजनाओं को खत्म करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को यूरिया और डीएपी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
सेना भर्ती और अग्निवीर योजना पर चिंता
डॉ. जितेंद्र सिंह ने अग्निवीर योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह योजना सेना की मजबूती को कमजोर कर रही है। उन्होंने आशंका जताई कि चार साल की अल्पकालिक भर्ती से सेना का मनोबल प्रभावित होगा। वहीं पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने आरोप लगाया कि राज्य की खनिज और प्राकृतिक संपदा अडाणी समूह को सौंपने का काम हो रहा है। उन्होंने बजरी माफिया के बढ़ते प्रभाव पर भी सवाल उठाए और कोटा एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में हो रही देरी की आलोचना की।
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