राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। Rajya Sabha Elections 2026: मध्य प्रदेश में बीजेपी के तीनों राज्यसभा प्रत्याशी तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध चुने गए हैं। एमपी विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर ने तीनों को जीत का सर्टिफिकेट दिया हैं। जिसके बाद तीनों राज्यसभा सदस्य बन गए हैं। आइए एक नजर डालते हैं तीनों नवागत सांसदों के राजनीतिक सफर पर…

प्रभु श्रीराम की नगरी ओरछा के रहने वाले महेश केवल किस्मत के भरोसे राज्यसभा सांसद बने हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत केवट को राज्यसभा सांसदी का जीत का सर्टिफिकेट मिल गया है, लेकिन इस पर अंतिम मुहर लगने में सुप्रीम कोर्ट के रुख का इंतजार करना पड़ेगा। महेश मप्र से केवट, माझी, मल्लाह, रैकवार और भोई समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले राज्यसभा सांसद हैं। केवट 2002 से 2005 तक ओरछा नगर परिषद के उपाध्यक्ष रहे हैं।

सीमेंट व्यवसायी हैं महेश केवट

बड़ी बात ये है कि 2022 के नगर परिषद चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का हवाला देते हुए महेश केवट को बीजेपी से निष्कासित करने की बात की जाती रही है, लेकिन बीजेपी के किसी भी कार्यालय में इसके प्रमाण मौजूद नहीं हैं। 2023 में बीजेपी की ओर से महेश का निष्कासन समाप्त करने का आदेश जरूर जारी हुआ था। महेश केवट का परिवार ओरछा के फूलबाग स्थित बुंदेलखंड के लोकदेवता हरदौल बैठका की सेवा करता है। व्यवसाय के तौर पर देखा जाए तो महेश सीमेंट व्यवसायी हैं।

महेश केवट

पत्रकारिता में मास्टर हैं रजनीश अग्रवाल

बीजेपी के नवागत राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल मूल रूप से सागर जिले के मंडी बामोरा के निवासी हैं। उनके पिता रामगोपाल अग्रवाल ग्राम सचिव के पद पर कार्यरत रहे हैं। रजनीश अग्रवाल की हाईस्कूल तक की पढ़ाई मंडी बामोरा में ही हुई। इसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और सागर के डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। रजनीश बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से जुड़े रहे हैं।

1990 में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में कदम रखा। नगर संयोजक, विश्वविद्यालय प्रमुख के साथ प्रदेश कार्यालय मंत्री जैसी कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं। रजनीश अग्रवाल 2005 से बीजेपी संगठन में लगातार सक्रिय हैं। बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री और राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं तो 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाते हुए संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। वर्तमान में वे बीजेपी प्रदेश मंत्री के साथ बूथ प्रबंधन प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

रजनीश अग्रवाल

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ अब मध्यप्रदेश कोटे से राज्यसभा पहुंचे

पंजाब के अमृतसर में जन्मे तरुण चुघ की स्कूली शिक्षा अमृतसर से पूरी हुई। पारिवारित पृष्ठभूमि के चलते चुघ सामाजिक और राष्ट्र सेवा से कार्यों से जुड़ गए थे। जानकर आश्चर्य होगा कि सिर्फ 9 साल की उम्र में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बन गए थे। उन्होंने अमृतसर के प्रतिष्ठित डीएवी संस्थान से मानव संसाधन में एमबीए की डिग्री हासिल की। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की।

चुघ को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की अटकलें

1989 से 1994 तक वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में जिला सचिव और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रहे। 1993 में बीजेपी युवा मोर्चा के अमृतसर जिला अध्यक्ष बने। वर्ष 1999 में युवा चेतना यात्रा निकाली और इससे उन्हें पंजाब की सियासत में बड़ी पहचान मिली। पंजाब के सभी जिला मुख्यालयों से होकर गुजरी यह यात्रा करीब 2100 किलोमीटर लंबी थी। बीजेपी में चुघ जमीनी और सांगठनिक नेता माने जाते हैं। राज्यसभा पहुंचने के बाद चुघ को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं।

तरुण चुघ

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