Rajasthan Politics: जैसलमेर के पोकरण में शनिवार की काली रात सियासी बयानबाजी से लाल हो गई। मौका था फलसूंड की रात्रि चौपाल का, जहां स्थानीय विधायक महंत प्रतापपुरी ने बिना नाम लिए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विपक्ष पर ऐसा निशाना साधा। महंत ने साफ कह दिया कि राजनीति अब तमाशों से नहीं, बल्कि राष्ट्रनीति से चलेगी।

जादूगरी सिर्फ सम्मोहन है, हकीकत नहीं
चौपाल के बीच माइक संभालते ही महंत प्रतापपुरी ने जादू और सर्कस जैसे शब्दों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा, मित्रों, जादूगरी से कभी काम नहीं होता। वह तो बस थोड़ी देर के लिए लोगों को राजी करने का एक तरीका यानी सम्मोहन है। उनके इस बयान को सीधे तौर पर अशोक गहलोत की जादूगर वाली छवि पर हमले के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि अब खोखले वादों और तमाशों का दौर खत्म हो चुका है।
मोदी की तपस्या और संतों का आशीर्वाद
विधायक यहीं नहीं रुके। उन्होंने बीजेपी की जीत का क्रेडिट मोदी की मेहनत और संतों की शक्ति को दिया। प्रतापपुरी बोले, यह देश न जोकरों से चलेगा और न ही जादूगरों से। यह देश संतों के आशीर्वाद और राष्ट्रनीति की पटरी पर दौड़ेगा। उन्होंने बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां लोग कहते थे कि कमल खिलना नामुमकिन है, वहां भी संतों के आशीर्वाद से सब बदल गया। उनकी बातों से साफ था कि वह राजनीति में आध्यात्म के दखल को मजबूती से पेश करना चाहते हैं।
राष्ट्रनीति पर चलना होगा, वरना खैर नहीं
विधायक ने मंच से एक नसीहत भी जारी की। उन्होंने कहा कि पद चाहे विधायक का हो, मुख्यमंत्री का हो या प्रधानमंत्री का, अगर निष्ठा राष्ट्र के प्रति नहीं है तो जनता उसे नकार देगी। प्रतापपुरी का लहजा ऐसा था मानो वे विपक्ष को चेतावनी दे रहे हों कि अब केवल धरातल पर दिखने वाले काम ही जनता के बीच टिक पाएंगे। फलसूंड की इस चौपाल में देर रात तक ग्रामीण डटे रहे और तालियों की गड़गड़ाहट से विधायक की बातों का समर्थन करते दिखे।
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