Rajasthan Politics: गंगानहर के पानी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज़ होता जा रहा है। बीते 18 जून से गंगानगर में किसान धरने पर डटे हुए हैं। विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर और अन्य किसान नेताओं ने साफ़ कर दिया है कि जब तक किसानों को निर्धारित मात्रा में पानी नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। अब कांग्रेस नेता एवं प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी इस आंदोलन के समर्थन में उतर आए हैं।

किसानों को झेलनी पड़ रही परेशानी
सचिन पायलट ने कहा कि गंगानहर के पानी को लेकर किसानों के संघर्ष का मैं पूरा समर्थन करता हूं। किसानों को उनके हक का पानी मिलना चाहिए लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे हुए है। उन्होंने याद दिलाया कि फिरोजपुर फीडर के लिए कांग्रेस सरकार के समय बजट प्रस्तावित हुआ था लेकिन केंद्र सरकार ने मंज़ूरी नहीं दी। परिणामस्वरूप किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और कम पानी मिलने से उनकी फसलें खराब हो रही हैं।
सचिन पायलट ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा सांसद कुलदीप इंदौरा, विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर, विधायक डूंगरराम गेदर समेत किसान नेता, किसान संगठन और कांग्रेस के पदाधिकारी धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर समस्या पर कोई समाधान निकालने को तैयार नहीं दिख रही।
राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
धरना स्थल पर किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप ले सकता है। किसानों ने पंजाब द्वारा तय हिस्से से कम पानी दिए जाने और बीकानेर कैनाल क्षेत्र में हो रही पानी चोरी को लेकर भी जमकर विरोध दर्ज कराया।
किसान नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन अब सिर्फ पानी की मांग नहीं, बल्कि राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के किसानों के भविष्य और उनकी कृषि के अस्तित्व की लड़ाई बन गया है।
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