Rajasthan Politics: राजस्थान की सियासत में बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अशोक गहलोत के हालिया बयान पर करारा पलटवार किया है। बिहार चुनावों को लेकर गहलोत की टिप्पणी पर शेखावत ने दो टूक कहा चुनाव निष्पक्ष कराना चुनाव आयोग का काम है, और यह पूरी तरह से उनके अधिकार क्षेत्र का विषय है। इसमें शक की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

शेखावत ने आरोप लगाया कि इस संवैधानिक प्रक्रिया को जानबूझकर राजनीतिक विवाद में घसीटा जा रहा है। उनका कहना था कि कुछ लोगों को संविधान तभी याद आता है जब वो सत्ता से बाहर हो जाते हैं। फिर अपने हिसाब से नियम गढ़ते हैं और उसी आधार पर उनकी व्याख्या भी करने लगते हैं।
छात्रसंघ चुनाव पर गहलोत को घेरा
शेखावत यहीं नहीं रुके। उन्होंने गहलोत सरकार को छात्रसंघ चुनाव रोकने के मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने पूछा – “2023 के विधानसभा चुनाव से पहले छात्रसंघ चुनाव को किसने रोका था? वो पाप किसके खाते में जाएगा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जब सत्ता में रहकर अपने हित साधने होते हैं, तब उसे कोई नियम-कानून याद नहीं आते। 13 साल तक कांग्रेस ने पंचायती राज के चुनाव नहीं कराए। तब संविधान कहां गया था?
जोधपुर की जलापूर्ति पर जताई चिंता
बात जोधपुर की समस्याओं तक भी पहुंची। शेखावत ने बताया कि हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में जलापूर्ति परियोजना के थर्ड फेज पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, इस प्रोजेक्ट को हम पिछले साल तक पूरा करने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अब यह दिसंबर तक खिंचता दिख रहा है। ये चिंता की बात है, क्योंकि जोधपुर की पानी की समस्या का समाधान इस परियोजना से ही जुड़ा हुआ है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जोधपुर में जब भी उन्हें समय मिलता है, वे लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनते हैं। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते ये मेरी ज़िम्मेदारी है।
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