Rajasthan School Entry Ban Controversy: राजस्थान विधानसभा का दो दिन का मानसून सत्र हंगामे के बीच स्थगित हो गया, लेकिन इस दौरान स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। शिक्षा विभाग के इस आदेश को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं।

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ता CJP का मुखौटा पहनकर स्कूलों में प्रवेश कर रहे थे, जबकि कांग्रेस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर CJP सदस्यों के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। इस विवाद में निर्दलीय विधायक रविंद्र भाटी और भारतीय आदिवासी पार्टी के विधायक भी कूद पड़े और दोनों प्रमुख दलों की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
स्कूलों में प्रवेश पर रोक ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी
जयपुर के एक स्कूल में CJP कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट के बाद यह मुद्दा विधानसभा तक पहुंचा। मामले में गृह मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने जांच के आदेश दिए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विद्यालयों में जबरन प्रवेश कर व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। गृह मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि कांग्रेस के लोग दूसरा नकाब पहनकर आ रहे हैं। उन्होंने इसे आगामी नगर पालिका और पंचायत चुनावों से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि सरकार के काम से जनता खुश है, इसलिए कांग्रेस ऐसे मुद्दे खड़े कर लोगों को भ्रमित करना चाहती है।
शिक्षा मंत्री बोले, स्कूलों में जायज लोगों पर कोई रोक नहीं
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि स्कूलों में जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूलों में वाजिब व्यक्तियों के प्रवेश पर कोई रोक नहीं है।
दिलावर के मुताबिक स्कूल डेवलपमेंट कमिटी और अभिभावक स्कूलों में आते हैं। बच्चों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के साथ बेहतर शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस का पलटवार, नाकामी छिपाने के लिए लाया गया कानून
कांग्रेस ने सरकार के तर्क को खारिज करते हुए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस के लोग मुखौटा नहीं पहनते। उनका आरोप है कि सरकार राजस्थान के स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोकना चाहती है।
जूली ने कहा कि यदि स्कूलों में व्यवस्थाएं बेहतर हैं तो सरकार को किसी के वहां जाने से डरना नहीं चाहिए। कांग्रेस ने स्कूलों में प्रवेश से जुड़े आदेश को वापस लेने की मांग भी उठाई।
रविंद्र भाटी बोले, शिक्षा सिर्फ राजनीतिक मुद्दा बनकर रह गई
इस विवाद में निर्दलीय विधायक रविंद्र भाटी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कई ऐसे स्कूल हैं, जहां आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
भाटी ने अपने विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि कहीं पक्का भवन नहीं है और कहीं स्कूल खेजड़ी के नीचे चल रहा है। ऐसे हालात में लोगों के स्कूलों में जाने पर रोक कैसे लगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले 80 वर्षों में अलग-अलग दलों ने शासन किया, लेकिन शिक्षा वास्तविक बदलाव के बजाय राजनीतिक मुद्दा बनकर रह गई।
BAP विधायक ने पूछा, शिक्षा व्यवस्था सुधारेगा कौन?
भारतीय आदिवासी पार्टी के विधायक थावर चंद डामोर ने भी स्कूलों में प्रवेश के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष दोनों को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार ने मीडिया, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के स्कूलों में प्रवेश पर रोक की बात कही है।
डामोर ने सवाल उठाया कि जब शिक्षा व्यवस्था बदहाल है और भाजपा-कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, तो उसे सुधारने की जिम्मेदारी कौन लेगा।
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