जींद के गांधी नगर स्थित कांग्रेस जिला कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने की।
संजय कुमार,जींद। शहर के गांधी नगर स्थित कांग्रेस जिला कार्यालय में वीरवार को भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने की। कार्यक्रम के शुरुआत में वहां उपस्थित सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर देश के इस महान सपूत और पूर्व प्रधानमंत्री को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरा कार्यालय परिसर राजीव गांधी अमर रहे के नारों और उनके देश के प्रति किए गए ऐतिहासिक योगदानों के स्मरण से जीवंत हो उठा।
डिजिटल क्रांति और पंचायती राज के प्रणेता
श्रद्धांजलि सभा को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि 21 मई भारतीय राजनीति और लोकतंत्र के इतिहास का अत्यंत भावुक और स्मरणीय दिन है। इसी दिन देश ने एक ऐसे दूरदर्शी युवा नेता को खो दिया था, जिसने भारत को 21वीं सदी की ओर ले जाने का महान सपना देखा और उसे साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए। उन्होंने रेखांकित किया कि राजीव गांधी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक सोच, तकनीकी क्रांति और युवा शक्ति के अनूठे प्रतीक थे। देश में कंप्यूटर और दूरसंचार क्रांति की मजबूत नींव रखने का श्रेय काफी हद तक उन्हें ही जाता है। आज भारत जिस डिजिटल युग में तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसकी मजबूत आधारशिला राजीव गांधी ने ही रखी थी।

युवाओं को अवसर और पंचायती राज का सुदृढ़ीकरण
ऋषिपाल हैबतपुर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि राजीव गांधी ने देश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने, युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर देने तथा शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में नई प्रगतिशील सोच विकसित करने का बड़ा कार्य किया था। ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुंचाने के लिए उन्होंने अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं। वे हमेशा देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि मानते थे। उनका यह स्पष्ट मानना था कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता और युवा ऊर्जा है। ‘भारत तब आगे बढ़ेगा जब गांव आगे बढ़ेंगे’, उनका यह उत्कृष्ट विचार आज के दौर में भी देश के विकास के लिए उतना ही प्रासंगिक है।
सेवा और जनकल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प
श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि राजीव गांधी का संपूर्ण जीवन यह संदेश देता है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि नि:स्वार्थ सेवा, विकास और जनकल्याण का अटूट संकल्प होना चाहिए। उन्होंने अपनी सरलता, विनम्रता और आधुनिक दृष्टिकोण से करोड़ों भारतीयों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया था। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने राजीव गांधी की पुण्य आत्मा की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की और उनके बताए गए प्रगतिशील मार्ग पर पूरी निष्ठा से चलने का दृढ़ संकल्प लिया।

