अयोध्या. उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. अयोध्या के श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख और श्रीराम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य स्वामी राजकुमार दास ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ही नहीं, उनके पिता मुलायम सिंह यादव भी अयोध्या से 2027 का चुनाव लड़ने के बारे में नहीं सोच सकते थे. संत ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी मजबूती के साथ दोबारा सत्ता में आएंगे और अयोध्या के सैकड़ों साधु उनके साथ खड़े होंगे.
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‘अखिलेश ही नहीं, मुलायम भी नहीं सोच सकते थे’
स्वामी राजकुमार दास का यह बयान अखिलेश यादव की उस चुनौती के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने 8 अक्टूबर को अयोध्या में कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में हिम्मत है तो अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं. अब संत ने पलटवार करते हुए अखिलेश को ही अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है.
योगी की वापसी का दावा, साधुओं के समर्थन की बात
स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि 2027 में योगी आदित्यनाथ पूरी मजबूती के साथ फिर सत्ता में आएंगे. उनके मुताबिक, अयोध्या के सैकड़ों साधु बिना किसी स्वार्थ के योगी के साथ खड़े होंगे. उन्होंने दावा किया कि ऐसे में उनके सामने कोई दिखाई नहीं देगा.
‘अपने धर्म में जीना और मरना ही सबसे अच्छा’
वीडियो में स्वामी राजकुमार दास ने धर्म को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का ईमानदारी से पालन करना चाहिए. उन्होंने कहा, “अपने धर्म में जीना और मरना ही सबसे अच्छा है.” उनका यह बयान भी चर्चा में है.
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कौन हैं स्वामी राजकुमार दास?
स्वामी राजकुमार दास अयोध्या के जानकीघाट स्थित श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख हैं. वह श्रीराम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य और नित्य सरयू महाआरती समिति के संरक्षक भी हैं. करीब 54 वर्षीय राजकुमार दास की अयोध्या के संत समाज में अच्छी पकड़ मानी जाती है. वह कई धार्मिक संस्थाओं से जुड़े हैं. हाल ही में बृजभूषण शरण सिंह और योग गुरु बाबा रामदेव के बीच विवाद सुलझाने की कोशिशों में भी उनका नाम सामने आया था.

