रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को लखनऊ छावनी परिषद में 101 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के विकास, उत्तर प्रदेश में बदलाव और छावनी परिषदों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही.
सतीश सिंह, लखनऊ. देश के रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार को छावनी परिषद में 101 करोड़ रुपये की लागत से 12 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया भारत की प्रगति को स्वीकार कर रही है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि 10-12 वर्ष पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था, जितना लिया जाना चाहिए था. अब जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कुछ कहता है, तो पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है कि भारत क्या कह रहा है.
विकसित भारत का अर्थ
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की बढ़ती हैसियत और बढ़ता कद उसकी बदलती स्थिति को दर्शाता है. उनके मुताबिक, विकसित भारत का मतलब केवल बड़ी परियोजनाओं और आधुनिक इमारतों का निर्माण नहीं है.

उन्होंने कहा कि विकसित भारत में बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलना, हर परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचना, युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलने का अवसर मिलना तथा दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से पीछे न रहने का एहसास होना भी शामिल है.
12 परियोजनाएं, 12 संकल्प
राजनाथ सिंह ने कहा कि वह इन परियोजनाओं को सिर्फ निर्माण कार्यों की सूची के तौर पर नहीं देखते. उनके लिए ये लखनऊ छावनी के भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता हैं और वास्तव में 12 परियोजनाएं 12 संकल्प हैं.

उन्होंने कहा कि विकसित भारत की यात्रा बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हर मोहल्ले, बस्ती और परिवार तक पहुंचनी चाहिए. उन्होंने कहा कि लखनऊ और पूरे उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दिशा में पूरी लगन और निष्ठा से काम कर रहे हैं.
नए बिल्डिंग बायलॉज
रक्षा मंत्री ने कहा कि समय के साथ शहरों और लोगों की जरूरतें बदलती हैं, इसलिए नियमों में भी बदलाव जरूरी है. लखनऊ छावनी क्षेत्रों में नए बिल्डिंग बायलॉज लागू किए गए हैं.
उन्होंने बताया कि पहले यहां G+2 यानी ग्राउंड प्लस दो मंजिल तक निर्माण की व्यवस्था थी. अब इसे बढ़ाकर G+3 यानी ग्राउंड प्लस पार्किंग को मिलाकर पांच मंजिल तक कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य लखनऊ छावनी की समृद्ध विरासत को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाना है.
बदले बाजारों के नाम
राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलाव सिर्फ इमारतों में नहीं होना चाहिए, बल्कि पहचान और स्मृतियों में भी होना चाहिए. इसी भावना के तहत लखनऊ छावनी परिषद में ब्रिटिश काल से चले आ रहे कुछ बाजारों के नाम स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा से जुड़े महान व्यक्तित्वों के नाम पर रखे गए हैं.
रॉयल आर्टिलरी बाजार का नाम अब एकता बाजार कर दिया गया है. ब्रिटिश कैवलरी बाजार का नाम ऊदा देवी बाजार और ब्रिटिश इन्फैंट्री बाजार का नाम माता दीन वाल्मीकि बाजार रखा गया है.
एक अन्य ब्रिटिश इन्फैंट्री बाजार का नाम मंगल पांडे बाजार किया गया है, जबकि कैनेडी मार्केट का नाम अटल बिहारी वाजपेयी मार्केट रखा गया है. राजनाथ सिंह ने कहा कि नए नामों के साथ लखनऊ छावनी की सड़कों और बाजारों में केवल पते नहीं बदलेंगे, बल्कि नई पीढ़ी को इतिहास, राष्ट्रभक्ति और सेवा की प्रेरणा भी मिलेगी.
लखनऊ बना स्मार्ट सिटी
लखनऊ छावनी परिषद की 12 विकास परियोजनाओं के भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए. उन्होंने कहा कि करीब 20 वर्ष पहले लखनऊ रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड लगा होता था, जिस पर लिखा था, “मुस्कराइए, क्या आप लखनऊ में हैं.”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय लखनऊ के जाम, संकरी गलियों और अव्यवस्था के कारण लोगों को मुस्कुराने के बजाय परेशानी होती थी. आज लखनऊ ने अपनी ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान बनाई है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी और महाराजा बिजली पासी की गौरवशाली स्मृतियां और स्मारक ऐतिहासिक धरोहर हैं. दूसरी ओर, रक्षा आवश्यकताओं और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक मिसाइलों के निर्माण का केंद्र भी आज लखनऊ बन रहा है.
यूपी को नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है. उनके मुताबिक, 2017 से पहले प्रदेश की पहचान को लेकर कई सवाल उठते थे और यहां अभाव, अराजकता, अव्यवस्था तथा उपद्रव की स्थिति बनी रहती थी.
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश इन परिस्थितियों से उभर चुका है. अब प्रदेश में अभाव के बजाय संभावनाएं हैं और उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन बनकर देश की विकास यात्रा में अहम भूमिका निभा रहा है.
जवानों के लिए सुविधाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सेना के अधिकारी और जवान चौबीसों घंटे सीमाओं की सुरक्षा में तैनात रहते हैं और दिन-रात देश की रक्षा में योगदान देते हैं. ऐसे में उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जिम्मेदारी है.
उन्होंने कहा कि पहले आवश्यक सुविधाओं के विकास में संसाधनों और फंड की कमी अक्सर बाधा बनती थी. अब छावनी परिषदों में इस तरह की किसी भी कमी को विकास के आड़े नहीं आने दिया जाएगा.


