भोपाल। Rajya Sabha election 2026 : राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में बड़ा सियासी ड्रामा हुआ। भाजपा के आरोप के बाद निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद एक तरफ भाजपा जहां जश्न में डूब गई है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे ‘वोट चोरी का नेक्स्ट लेवल सीट चोरी’ करार दिया है। कांग्रेस राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत अन्य नेताओं ने भाजपा पर जमकर हमला बोला है।
विवेक तन्खा ने भाजपा पर साधा निशाना
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘अब वोट चोरी से नेक्स्ट लेवल पे सीट चोरी का सिलसिला शुरू हो गया है। मीनाक्षी जी का राज्य सभा का नामांकन निरस्त नहीं हुआ है। प्रजातंत्र की हत्या हुई है। This is nothing but murder of democracy’
उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा, मैंने पेपर जांच किए हैं। यह केस अब वोट चोरी का नहीं है बल्कि सीट चोरी का है। खुलेआम प्रजातंत्र के साथ डाका हुआ है। उन्होंने (मीनाक्षी नटराजन) कोई ऐसी चीज नहीं छिपाई थी जो वह डिक्लेयर कर सकती थीं। उनके खिलाफ कोई एफआईआर नहीं थी। उन्हें एक बार कोर्ट से नोटिस मिला था, जिसमें उनसे जवाब मांगा गया था कि आवेदक कहता है कि आपको दूसरे लोगों को 10 करोड़ रुपए का मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने आपत्ति लगाते हुए कहा कि यह नोटिस मुझे भेजा ही नहीं जा सकता, इस केस से मेरा संबंध ही नहीं है। कोई अपराध नहीं है तो वह कौन सी चीज है जो वह घोषित कर सकती थीं।
उन्होंने आगे कहा कि बिना किसी प्रकरण विधानसभा रिटर्निंग ऑफिसर ने ऐसी अनहोनी स्थिति बना दी है कि एक राष्ट्रीय पार्टी के जीते हुए प्रत्याशी को हरा दिया। यह बहुत दुखद है, प्रजातंत्र की हत्या है। हमें पता है कि इसके खिलाफ चुनाव याचिका लगाई जाती है। हमें सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए और इन्हें बेनकाब करना चाहिए। अगर इसी तरह नामांकन रद्द होने का सिलसिला चलता रहा तो इस देश में कोई प्रजातंत्र नहीं रह जाएगा।
उमंग सिंघार ने बताया लोकतंत्र की हत्या
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘भाजपा द्वारा लोकतंत्र की हत्या का एक और काला अध्याय। भाजपा ने अपनी सत्ता, दबाव और तंत्र का दुरुपयोग करते हुए कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन निरस्त करवा दिया। जिस गांधीवादी विचारधारा, ईमानदारी और जनसेवा की आवाज़ को जनता राज्यसभा में भेजना चाहती थी, उसे भाजपा ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का गला घोंटकर रोकने का प्रयास किया है। जब चुनाव मैदान में मुकाबला करने का साहस नहीं बचता, तब भाजपा हथकंडों का दुरुपयोग करती है। आज यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही में विश्वास करती है। हम इस अलोकतांत्रिक कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं। कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। सत्य को दबाया जा सकता है, हराया नहीं जा सकता।’
के.सी. वेणुगोपाल बोले- खुली लूट नहीं सहेंगे
कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने भी भजपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के लिए मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन रद्द करना, BJP की ओर से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को चुपके से खत्म करने की एक खुली कोशिश है। उनके नामांकन में किसी गलती या जानकारी न देने का आरोप पूरी तरह बकवास है और यह INC से एक सीट छीनने की हताशा भरी कोशिश है।
उन्होंने आए कहा, जब उन्हें एहसास हुआ कि हमारे INC विधायकों को तोड़ने की उनकी गंदी चालें नाकाम हो जाएंगी, तो वे इतने नीचे गिर गए कि उन्होंने उनका नामांकन ही रद्द कर दिया। इससे संविधान और लोकतंत्र के प्रति BJP की खोखली प्रतिबद्धता का पता चलता है। वे हर कदम पर किसी न किसी तरह वोट चोरी करने पर आमादा हैं। हम लोकतंत्र की इस खुली लूट को चुपचाप नहीं सहेंगे और इसके खिलाफ कानूनी और राजनीतिक, दोनों तरह से ज़ोरदार लड़ाई लड़ेंगे।

