रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश की सभी जिला जेलों में बहनों ने अपने बंदी भाइयों से मुलाकात कर उनकी कलाई पर राखी बांधी. लखनऊ जिला कारागार में मुलाकातियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, मेडिकल डेस्क और जरूरी सामग्री की व्यवस्था की गई.
सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन के अवसर पर गुरुवार को सभी जिला कारागारों में भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व मनाया गया. बड़ी संख्या में बहनें अपने बंदी भाइयों से मुलाकात करने जेल पहुंचीं और उनकी कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखद एवं स्वस्थ जीवन की कामना की.
बहनों के लिए व्यवस्थाएं
कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने प्रदेश की सभी जेलों में रक्षाबंधन पर पहुंचने वाली बहनों और परिजनों के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि बंदियों को परिवार और विशेष रूप से बहनों के साथ त्योहार मनाने का अवसर देना उनके भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक पुनर्वास के लिए महत्वपूर्ण है.
कारागार मंत्री के मुताबिक सरकार कारागारों को केवल दंड देने की जगह नहीं, बल्कि सुधार, पुनर्वास और मानवीय संवेदनाओं का केंद्र बनाना चाहती है. त्योहारों पर परिवार से मिलने का अवसर बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित करने और समाज की मुख्यधारा में लौटने की भावना को मजबूत करता है.
लखनऊ जेल में विशेष इंतजाम
लखनऊ जिला कारागार में वरिष्ठ अधीक्षक आरके जायसवाल और जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी के निर्देशन में बहनों तथा अन्य मुलाकातियों के लिए जेल के बाहर हेल्प डेस्क बनाई गई है. यहां आने वाली बहनों की समस्याओं के समाधान के साथ उनके लिए मिष्ठान, पानी और कोल्ड ड्रिंक की व्यवस्था भी की गई है.
किसी भी चिकित्सीय समस्या से निपटने के लिए मेडिकल डेस्क भी स्थापित की गई है, जहां जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके अलावा जो बहनें राखी, रोली, अक्षत या मिठाई साथ लेकर नहीं आ सकीं, उन्हें कारागार प्रशासन की ओर से आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है.


