समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने फिरोजाबाद में मीडिया से बात करते हुए राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा. उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त बताते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयानों को तवज्जो न देने की बात कही.

फिरोजाबाद. जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए. मीडिया से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक तंत्र संविधान के अनुसार कार्य नहीं कर रहा है और चारों तरफ आम जनता पर दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि जनता वर्तमान शासन व्यवस्था से परेशान हो चुकी है और बदलाव का मन बना रही है.

केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर प्रतिक्रिया

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा अखिलेश यादव के 2027 में मुख्यमंत्री बनने के सपने को ‘मुंगेरीलाल के सपने’ बताए जाने पर रामगोपाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मीडिया को ऐसे बयानों का संज्ञान नहीं लेना चाहिए और इसे अधिक महत्व देने की आवश्यकता नहीं है. उल्लेखनीय है कि मौर्य ने दावा किया था कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 300 से अधिक सीटें हासिल करेगी और सपा की स्थिति 2017 जैसी रहेगी.

अपराध और सरकारी नीतियों पर घेरा

सपा नेता ने अलीगढ़ में एक पीड़ित के वायरल वीडियो और मेरठ के सेंट्रल मार्केट में हुई बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र करते हुए सरकार पर निष्पक्ष सुनवाई न करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए कानून कुछ चुनिंदा लोगों के हितों को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं. विभिन्न आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध, बलात्कार, फर्जी एनकाउंटर, चोरी और डकैती जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं.

मतदाता सूची और स्थानीय मुद्दे

मतदाता सूची में गड़बड़ी के मुद्दे पर बोलते हुए रामगोपाल यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में योजनाबद्ध तरीके से लाखों वैध मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं. उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि गलत राजनीतिक निर्णयों का समर्थन करने वालों को अंततः नुकसान उठाना पड़ता है. इस दौरान उनके साथ पार्टी के जिलाध्यक्ष और कई स्थानीय वरिष्ठ कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे.