सतीश सिंह, अयोध्या. रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन और मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर निर्मोही अखाड़ा की याचिका के बीच ट्रस्ट के सदस्य और निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि उन्हें इस याचिका के संबंध में कोई जानकारी नहीं है.
महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसमें मंदिर की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. इसके साथ ही ट्रस्ट में रिक्त पड़े पदों को भरने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा. उन्होंने कहा कि राम मंदिर की व्यवस्थाओं में अब काफी सुधार हुआ है और वर्तमान में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि ट्रस्ट की बैठक में मंदिर के सुचारु संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े सभी आवश्यक विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे.
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महंत दिनेंद्र दास ने 23 जुलाई को प्रस्तावित संतों की बैठक को लेकर कहा कि वैष्णव संप्रदाय के सभी संत-महंत और अखाड़े जो सामूहिक निर्णय लेंगे, वही सभी के लिए मान्य होगा और उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि संत समाज हमेशा से सर्वसम्मति के आधार पर निर्णय लेने की परंपरा का पालन करता रहा है.
गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन और मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद इस मुद्दे पर चर्चाएं तेज हो गई हैं. ऐसे में 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक और उसके अगले दिन 23 जुलाई को प्रस्तावित संतों की बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. माना जा रहा है कि इन बैठकों में मंदिर की भावी व्यवस्थाओं और ट्रस्ट से जुड़े कई अहम विषयों पर फैसला लिया जा सकता है. फिलहाल, राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक और संतों की प्रस्तावित बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जिनसे भविष्य की व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिलने की उम्मीद है.

