कुंदन कुमार/पटना। बिहार की राजधानी पटना में हालिया राजनीतिक प्रदर्शनों को लेकर सियासत गरमा गई है। मंत्री रामकृपाल यादव ने तीखा रुख अपनाते हुए विपक्ष और सड़कों पर उतरने वाले आंदोलनकारियों पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने दो टूक कहा है कि मौजूदा प्रदर्शनों में छात्र नहीं बल्कि असामाजिक तत्व और गुंडे शामिल हैं जो सुनियोजित तरीके से राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

वोट से नहीं जीते, तो अब गुंडागर्दी पर उतरे

​मंत्री रामकृपाल यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जो लोग लोकतांत्रिक तरीके से यानी जनता के वोटों के जरिए चुनाव नहीं जीत सके, वे अब अराजकता और गुंडागर्दी के बल पर सत्ता में वापसी का ख्वाब देख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन की आड़ में न सिर्फ सरकार को निशाना बनाया जा रहा है, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पत्रकारों तक पर हमले किए जा रहे हैं।

40 साल के व्यक्ति छात्र कैसे हो सकते हैं?

​आंदोलनकारियों के चेहरे बेनकाब करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि इस तथाकथित छात्र आंदोलन में छात्र हैं कहां? सड़कों पर प्रदर्शन करने वाले लोग 35 से 40 साल की उम्र के हैं। कुछ भोले-भाले छात्रों को मोहरा बनाकर और उन्हें बहला-फुसलाकर आगे किया जा रहा है, जिसकी सच्चाई अब किसी से छिपी नहीं है।

​वामपंथी, कांग्रेस और राजद का प्रायोजित खेल

​मंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे विपक्ष की सोची-समझी रणनीति बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरा उपद्रव वामपंथी दलों, कांग्रेस और राजद (RJD) के नेताओं द्वारा प्रायोजित है। विपक्ष को लगता है कि इस तरह के भय और दबाव की राजनीति से सरकार झुक जाएगी, लेकिन उनकी यह मंशा कभी पूरी नहीं होगी।

​जनता ने नकारा, अब लाइमलाइट में रहने की होड़

​अपने बयान के अंत में रामकृपाल यादव ने कहा कि सूबे की जनता ने इन दलों को पहले ही पूरी तरह खारिज कर दिया है और चुनावों में बाहर का रास्ता दिखाया है। अब वही नकारे हुए नेता खुद को सुर्खियों में बनाए रखने के लिए सड़क पर नाटक कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता इन सभी हरकतों को बहुत गौर से देख रही है और इनकी कोई भी साजिश सफल नहीं होगी।