रामपुर. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की गिरफ्तारी के बाद रामपुर में पोस्टर वार शुरू हो गया है. शहर के प्रमुख स्थानों पर लगाए गए होर्डिंग्स के जरिए आजम खान के समर्थन में नारे लिखे गए हैं. इनमें भाजपा सरकार को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा गया है कि सत्ता परिवर्तन होने पर आजम खान के खिलाफ हुई कार्रवाई का हिसाब लिया जाएगा. पोस्टरों पर लिखा है, ‘जेल के ताले टूटेंगे, आजम खान छूटेंगे.’

आजम खान को अब्दुल्ला आजम के फर्जी पैन कार्ड मामले में 10 साल की सजा हुई थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद जब वह रामपुर जेल से बाहर आए तो ED ने उन्हें जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया.

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मोदी मॉल के सामने लगाए गए होर्डिंग्स

रामपुर के थाना शहजादनगर क्षेत्र में जीरो पॉइंट स्थित मोदी मॉल के सामने ये पोस्टर लगाए गए हैं. इन पर बड़े अक्षरों में लिखा है, ‘आजम खान पर हुए एक-एक जुल्म का हिसाब है.’ साथ ही उनकी रिहाई की मांग वाला नारा भी दर्ज है. पोस्टरों ने राहगीरों और राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है.

सत्ता परिवर्तन पर हिसाब लेने का संदेश

पोस्टरों में केवल आजम खान की रिहाई की मांग नहीं की गई है. इनमें भविष्य में सत्ता बदलने पर उनके खिलाफ हुई कार्रवाई का हिसाब लेने की बात भी कही गई है. इस संदेश को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले की राजनीतिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है.

ED की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा विवाद

ED ने आजम खान को 31 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया. आजम खान की गिरफ्तारी के बाद समाजवादी पार्टी और उनके समर्थकों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.

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अखिलेश यादव की मुलाकात के बाद फिर चर्चा में आजम

पिछले दिनों सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की थी. अब पोस्टरों के जरिए उनके समर्थन में उठ रही आवाजों ने राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है. आजम खान ने ED की कार्रवाई को लेकर मुसलमान होने के कारण निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया है. हालांकि, एजेंसी की जांच मनी लॉन्ड्रिंग और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों पर केंद्रित है.