रांची। रांची विश्वविद्यालय का 39वां दीक्षांत समारोह बुधवार को गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार बतौर मुख्य अतिथि समारोह में शामिल हुए। केंद्रीय राज्यमंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ, विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, शिक्षाविद और बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।

समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के 6923 सफल विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। वहीं शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।

2 शिक्षाविदों को मानद उपाधि

इस बार रांची विश्वविद्यालय ने शिक्षा जगत में योगदान के लिए दो प्रमुख शिक्षाविदों को मानद उपाधि से सम्मानित किया। इनमें NEIPA की कुलपति प्रो. शशिकला बंजारी और IIM कोलकाता के निदेशक प्रो. आलोक शामिल रहे।

दोनों समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। विश्वविद्यालय की ओर से शिक्षा और अकादमिक क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए यह सम्मान प्रदान किया गया।

71 गोल्ड मेडल, छात्राओं ने मारी बाजी

दीक्षांत समारोह में मेडल हासिल करने वाले विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बना। इस बार कुल 71 गोल्ड मेडल 58 विद्यार्थियों को दिए गए। इनमें 44 छात्राएं और 14 छात्र शामिल हैं।

गोल्ड मेडल हासिल करने के मामले में छात्राओं ने छात्रों से स्पष्ट बढ़त बनाई। कुछ विद्यार्थियों ने एक से अधिक विषयों में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किए।

ऑनलाइन प्रोफाइल से सीट तक की जानकारी

विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय ने समारोह से पहले कई व्यवस्थाएं की थीं। आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की प्रोफाइल विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई थी। इसके जरिए विद्यार्थी अपनी जानकारी और सीट अरेंजमेंट ऑनलाइन देख पा रहे थे।

गेट पास और स्कार्फ वितरण के लिए 10 काउंटर बनाए गए थे। इससे विद्यार्थियों को अलग-अलग जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ा और आयोजन स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिली।

पारंपरिक ड्रेस में नजर आए विद्यार्थी

दीक्षांत समारोह के लिए विद्यार्थियों का ड्रेस कोड भी निर्धारित किया गया था। छात्रों ने सफेद कुर्ता-धोती या पायजामा, जबकि छात्राओं ने सफेद सलवार-कुर्ता अथवा सफेद-लाल पाड़ वाली साड़ी पहनकर समारोह में हिस्सा लिया। विश्वविद्यालय की ओर से दिया गया स्कार्फ भी ड्रेस का हिस्सा रहा।पारंपरिक परिधान में सजे विद्यार्थियों ने समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया।

‘मैं हूं रांची विश्वविद्यालय’ ने बांधा समां

शैक्षणिक सम्मान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी समारोह का खास आकर्षण रहा। रांची विश्वविद्यालय के परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट विभाग ने ‘मैं हूं रांची विश्वविद्यालय’ नामक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की।

इस प्रस्तुति में विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर वर्तमान दौर तक के सफर को कला और संस्कृति के माध्यम से दिखाया गया। प्रस्तुति ने विद्यार्थियों और अतिथियों को विश्वविद्यालय की यात्रा और उपलब्धियों की झलक दिखाई।

कम खर्च में आयोजन, रेडियो खांची से लाइव प्रसारण

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार आयोजन के खर्च को नियंत्रित करने पर भी जोर दिया। अनावश्यक खर्च में कटौती की गई, लेकिन विद्यार्थियों की सुविधाओं से समझौता नहीं किया गया।

कार्यक्रम को डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया। विश्वविद्यालय के कम्युनिटी रेडियो ‘रेडियो खांची’ के यूट्यूब चैनल के माध्यम से दीक्षांत समारोह का सीधा प्रसारण किया गया।

स्थायी ऑडिटोरियम बनाने का प्रस्ताव

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उपाधि और गोल्ड मेडल पाने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री संजय सेठ ने दीक्षांत समारोह के लिए बनाए गए मंडप को भविष्य में स्थायी ऑडिटोरियम के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा।

गोल्ड मेडल और डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों ने इसे अपनी शैक्षणिक यात्रा का यादगार और गौरवपूर्ण क्षण बताया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले कई विद्यार्थियों का मेडल हासिल करना भी समारोह में चर्चा का विषय रहा।

डिग्री और मेडल के साथ नई मंजिल की ओर बढ़े विद्यार्थी

रांची विश्वविद्यालय के 39वें दीक्षांत समारोह में हजारों विद्यार्थियों के हाथों में डिग्री और मेडल नजर आए। राज्यपाल, जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों की मौजूदगी में सम्मान प्राप्त करना विद्यार्थियों के लिए खास अनुभव रहा। समारोह के साथ ही विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को उनके आगामी करियर और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।