रांची। नेपाल में आई बाढ़ के बीच रांची के कोकर निवासी एक युवक के लापता होने की खबर से परिवार की चिंता बढ़ गई है। 41 वर्षीय राम प्रसाद घोष करीब दो महीने पहले नौकरी के सिलसिले में नेपाल की राजधानी काठमांडू गए थे। वह एक कंपनी के प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे और करीब 200 भारतीय कर्मचारियों के साथ एक कैंप में रह रहे थे।
परिजनों के मुताबिक, मंगलवार रात राम प्रसाद ने परिवार से फोन पर बात की थी। बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उन्होंने मैसेज भी भेजा। इसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। जिस इलाके से उनका संपर्क टूटा, वह भटार मुख्य बाजार के आसपास बताया जा रहा है। इसी क्षेत्र में कंपनी का प्रोजेक्ट और कर्मचारियों का कैंप था।
बाढ़ के बाद कैंप में मची अफरा-तफरी
कंपनी से जुड़े दीपक नाम के व्यक्ति ने परिवार को बताया कि बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने के बाद कैंप में मौजूद कर्मचारियों ने सुरक्षित जगह पहुंचने की कोशिश की। कुछ लोग बस से निकलने लगे, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि बस के बह जाने की सूचना है।
कई लोगों ने पहाड़ी इलाके की ओर भागकर अपनी जान बचाई। फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच कैमरा क्षेत्र में भी कुछ लोगों के नजर आने की जानकारी सामने आई है।
दो बच्चों के पिता हैं राम प्रसाद
राम प्रसाद घोष रांची के कोकर स्थित हैदर अली रोड में अपने पिता रंजीत कुमार घोष, बड़े भाई देव प्रसाद घोष, पत्नी दित्या घोष और दो बच्चों के साथ रहते हैं। नेपाल में बाढ़ की जानकारी मिलने के बाद से परिवार लगातार उनके सुरक्षित होने की उम्मीद कर रहा है।
परिजन अब बचाव दल और कंपनी से मिलने वाली जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। परिवार की सबसे बड़ी चिंता यही है कि राम प्रसाद आखिर कहां हैं और किस स्थिति में हैं।


